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36 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा
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पीढ़ियों से डेयरी प्रोडक्ट्स भारतीय खानपान का अहम हिस्सा रहे हैं। चाहे वो शाकाहारियों की फेवरेट सब्जी पनीर हो या सेहत का खजाना दूध–दही। जीवन का शुरुआती भोजन ही दूध होता है। जब छोटा बच्चा कुछ और नहीं खाता तो सिर्फ दूध पीता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हैं। कैल्शियम, हाई-क्वालिटी प्रोटीन और जरूरी विटामिन्स से भरपूर ये फूड्स शरीर की ग्रोथ, हड्डियों की मजबूती और मसल्स ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग होल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स खाते हैं, उन्हें हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है। लेकिन क्या डेयरी प्रोडक्ट्स उतने ही हेल्दी होते हैं, जितना दावा किया जाता है?
आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-
- डेयरी प्रोडक्ट्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
- किन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए?
एक्सपर्टः डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली
सवाल- डेयरी प्रोडक्ट्स क्या होते हैं?
जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स वे सभी फूड आइटम्स हैं, जो जानवरों के दूध से बनाए जाते हैं। पोषण के लिहाज से डेयरी प्रोडक्ट्स प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D और B12 के अच्छे सोर्स हैं।
सवाल- डेयरी प्रोडक्ट्स में कौन–कौन सी चीजें आती हैं?
जवाब- डेयरी सिर्फ दूध तक सीमित नहीं है। इसमें वे सभी प्रोडक्ट्स शामिल होते हैं, जो दूध से अलग-अलग प्रक्रियाओं के जरिए तैयार किए जाते हैं। यानी दूध को जमाकर, मथकर, फाड़कर या प्रोसेस करके जो भी प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं, वे सभी डेयरी की कैटेगरी में आते हैं।
ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स सेहत के लिए अच्छे होते हैं?
जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स को अक्सर ‘कम्प्लीट न्यूट्रिशन’ का हिस्सा माना जाता है। इनमें मौजूद प्रोटीन, कैल्शियम और जरूरी विटामिन्स बॉडी की वर्किंग को सपोर्ट करते हैं। ग्राफिक से समझते हैं कि डेयरी प्रोडक्ट्स से सेहत को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं।

सवाल– क्या सभी डेयरी प्रोडक्ट्स खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं?
जवाब- नहीं, सभी डेयरी प्रोडक्ट्स सभी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते।
दूध– दूध छोटे बच्चों के लिए बेस्ट और कंप्लीट मील है, लेकिन अमूमन वयस्कों को इसकी जरूरत नहीं होती।
दही, छाछ– ये सुपाच्य और हेल्दी होता है। सभी के लिए अच्छा है, सिर्फ उन्हें छोड़कर जो लैक्टोज इन्टॉलरेंट हैं।
चीज, पनीर– अगर ये अल्ट्राप्रोसेस्ड नहीं है तो तीन साल से बड़ी उम्र के सभी लोगों के लिए हेल्दी है।
नोट– सामान्य तौर पर पाश्चराइज्ड और सही तरीके से स्टोर किए गए डेयरी प्रोडक्ट्स सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन कच्चा (अनपाश्चराइज्ड) दूध बैक्टीरियल संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकता है।

सवाल- उम्र के हिसाब से कौन से डेयरी प्रोडक्ट का सेवन बेस्ट होता है?
जवाब- डेयरी प्रोडक्ट का चयन उम्र, पाचन क्षमता और पोषण की जरूरतों पर निर्भर करता है।
शिशु (0–12 महीने)
नवजात शिशु के लिए केवल मां का दूध बेहतर है। 6 महीने बाद खाने के साथ थोड़ा दही दिया जा सकता है।
टॉडलर्स (1–3 साल)
टॉडलर्स के लिए गाय का दूध बेहतर होता है। साथ ही इन्हेें फुल-फैट दही और चीज भी दिया जा सकता है।
छोटे बच्चे (4–8 साल)
4 साल की उम्र के बाद बच्चे के लिए फुल-फैट दूध शुरू किया जा सकता है। दूध, दही और पनीर/चीज हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद होते हैं।
किशोर (9–18 साल)
इस उम्र में शरीर तेजी से बढ़ता है। इसलिए कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत ज्यादा होती है। फुल-फैट दूध, दही और चीज अच्छे विकल्प हैं।
वयस्क (19–59 साल)
वयस्कों के लिए फुल-फैट दूध और दही बेहतर माने जाते हैं। ग्रीक योगर्ट और पनीर भी अच्छे विकल्प हैं।
वरिष्ठ नागरिक (60+ साल)
इस उम्र में हल्का और पचने में आसान डेयरी प्रोडक्ट जैसे दही और पनीर लेना फायदेमंद है।
सवाल- डेयरी प्रोडक्ट (दूध, दही,पनीर, घी) की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है?
जवाब- डेयरी प्रोडक्ट्स कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू मात्रा व प्रकार पर निर्भर करती है। ग्राफिक से अलग-अलग डेयरी प्रोडक्ट्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू के बारे में समझते हैं-

गट हेल्थ के लिए हेल्दी दही
100 ग्राम सादी दही में 3.5 ग्राम प्रोटीन, 3.3 ग्राम फैट और 4.7 ग्राम नेचुरल शुगर मौजूद होता है। यह फर्मेंटेड होता है, इस वजह से गट हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है।

पाचन तंत्र मजबूत करता है घी
सिर्फ एक चम्मच घी में लगभग 130 कैलोरी और 15 ग्राम फैट होता है। घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों की सेहत को सपोर्ट करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है।

मसल बिल्डिंग के लिए मददगार पनीर
पनीर प्रोटीन से भरपूर होता है। यह खासकर मसल बिल्डिंग और लंबे समय तक पेट भरा रखने के लिए जाना जाता है।

सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं?
जवाब- हां, डेयरी प्रोडक्ट्स के कुछ संभावित साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन ये हर किसी को नहीं होते। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति कितनी मात्रा में खा रहा है और उसके शरीर की सहने की क्षमता कैसी है। पॉइंटर्स से समझते हैं-
- सबसे कॉमन समस्या लैक्टोज इन्टॉलरेंस है, जिसमें दूध या कुछ डेयरी प्रोडक्ट खाने से गैस, पेट दर्द, सूजन या दस्त हो सकता है।
- कुछ लोगों को मिल्क एलर्जी होती है। इससे स्किन रैश, उल्टी या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- इसके अलावा बहुत ज्यादा मीठे डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे फ्लेवर्ड मिल्क वजन बढ़ा सकते हैं। साथ ही ब्लड शुगर पर भी असर डाल सकते हैं।
सवाल- रोज कितनी मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट लेना सही है?
जवाब- हेल्दी पर्सन के लिए रोजाना 2 से 3 सर्विंग डेयरी प्रोडक्ट लेना सेफ है। इससे शरीर को आवश्यक कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाता है।
सवाल- क्या डेयरी प्रोडक्ट्स पचने में भारी होते हैं?
जवाब- यह व्यक्ति की पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। हर किसी का डाइजेशन अलग होता है। सामान्य तौर पर दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट्स आसानी से पच जाते हैं। वहीं फुल-फैट दूध, क्रीम या ज्यादा फैट वाले प्रोडक्ट कुछ लोगों को भारी लग सकते हैं।
सवाल- किन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं कि किन लोगों को सावधान रहना चाहिए-
- जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, उन्हें दूध या कोई भी डेयरी प्रोडक्ट लेने पर गैस, पेट दर्द या दस्त की समस्या हो सकती है।
- जिन्हें मिल्क एलर्जी है, उन्हें स्किन रैशेज हो सकते हैं।
- डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे लोग फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट सीमित मात्रा में लें।
- हार्ट पेशेंट्स को सैचुरेटेड फैट से बचना चाहिए।
ये लोग लो-फैट या लैक्टोज-फ्री विकल्प चुन सकते हैं। किन लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं खाने चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर किसी को लैक्टोज इन्टॉलरेंस है तो उसके लिए डेयरी प्रोडक्ट का अल्टरनेटिव क्या हो सकता है?
जवाब- ऐसे लोग लैक्टोज-फ्री दूध का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा उनके लिए ये प्लांट-बेस्ड विकल्प विकल्प हो सकते हैं–
- सोया मिल्क
- बादाम मिल्क
- ओट मिल्क
- नारियल दूध
कैल्शियम और विटामिन B12 की जरूरत पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से भरपूर) विकल्प चुनना बेहतर होता है।
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