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जींद। धरौदी गांव में बागवानी विभाग की तरफ से जिला स्तरीय बागवानी सम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि के तौर पर मिशन निदेशक हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी, पंचकूला डॉ. जोगिंद्र सिंह ने शिरकत की।
उन्होंने बताया कि आज के दौर में भूमि कम हो रही है। ऐसे में किसानों का बागवानी अपनाना सही कदम है। तकनीकी से बागवानी करने से कम जमीन पर अच्छी और ज्यादा पैदावार ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसान फसल का मूल्य और खुद की बिक्री से दो से चार गुणा मुनाफा बढ़ा सकते है।
किसान कृषि के साथ पशु पालन, मत्स्य पालन को भी अपना चाहिए। इसमें लगभग 40 प्रतिशत बागवानी की खेती शामिल करे। उन्हाेंने बताया कि किसानों को एफपीओ के माध्यम से बागवानी विभाग से जुडना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष बीबीवाई स्कीम के तहत आलू की फसल पर लगभग 60 करोड़ रुपये किसानों को सहायता राशि के तौर पर दिए गए हैं।
21 फसलों के साथ मधुमक्खी पालन को भी शामिल किया गया है। मिशन निदेशक ने बताया कि भूमिहीन किसानों को मधुमक्खी पालन एवं मशरुम उत्पादन जैसी योजनाओ के माध्यम से 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी देकर उनकी वार्षिक आय बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डाॅ. सुभाष चंद्र ट्रेनिंग एडवाइजर, हमेटी ने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनानी चाहिए।
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