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सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की दलील को कोर्ट ने किया खारिज
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। एमएसीटी (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) के पीठासीन डॉ. अशोक कुमार की अदालत ने सड़क दुर्घटना का शिकार हुए 63 वर्षीय बुजुर्ग को 10.13 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह याचिका दायर करने की तिथि से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ यह राशि भुगतान करे।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दलील दी कि ड्राइवर के पास खतरनाक सामग्री ढोने का वैध लाइसेंस नहीं था। अदालत ने पाया कि दुर्घटना के समय टैंकर खाली था, इसलिए लाइसेंस में एंडोर्समेंट की कमी को पॉलिसी का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। अदालत ने इलाज के लिए 3.11 लाख, भविष्य की आय के नुकसान के लिए 6.32 लाख और दर्द व अन्य खर्चों के लिए करीब 70 हजार रुपये निर्धारित किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी टैंकर चालक लखविंदर सिंह की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, इसलिए बीमा कंपनी मुआवजे की पूरी राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।
2022 में हुआ था हादसा
साहा निवासी दलजीत सिंह 11 अक्टूबर 2022 की सुबह करीब 8 बजे अपने काम से मोटरसाइकिल पर साहा चौक की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह रेड हट के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार टैंकर ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैंकर का अगला टायर बुजुर्ग के ऊपर से निकल गया। हादसे के बाद दलजीत सिंह को अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। गंभीर चोटों के कारण अंततः लैंडमार्क अस्पताल में उनके दाएं पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा। इस हादसे ने बुजुर्ग को 70 प्रतिशत तक स्थायी रूप से दिव्यांग बना दिया।
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