Karnal News: चार माह के काम को लगा दिए ढाई साल.. मंत्री बोले- मतलब साफ, काम नहीं करना चाहते आप Latest Haryana News

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करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सोमवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा का पारा उस समय चढ़ गया, जब उनके समक्ष किसान के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित होने का मामला सामने आया। निर्धारित चार माह की समयावधि में कनेक्शन मिलना चाहिए था पर किसान ढाई साल से चक्कर काट रहा था। मंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों से कहा कि मतलब साफ है, आप काम नहीं करना चाहते। उन्होंने निगम से अब तक की कार्रवाई का रिकाॅर्ड अगली बैठक में तलब किया। दोषी ठेकेदार पर भी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

पंचायत भवन के सभागार में हुई बैठक में खेड़ी जाटान निवासी सौरव चौधरी ने अपनी समस्या रखी। कहा कि मंत्री जी, खेत के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए जुलाई, 2023 में आवेदन किया था। बिजली निगम के खाते में 2.05 लाख रुपये भी जमा करवा दिए। अब तक कनेक्शन नहीं लगा। मंत्री ने जवाब तलब किया तो पता चला कि यह कार्य 120 दिन में ही होता है, जबकि ढाई साल से ज्यादा का समय बीत गया। इस पर मंत्री ने कहा कि इनके जैसे कनेक्शन लेने वाले कई लोग चक्कर काट रहे होंगे। सभी के रिकाॅर्ड की जांच के लिए उपायुक्त को निर्देश दिए।

कहा कि 27 अगस्त, 2024 के बाद जीतने कनेक्शन हुए है, क्या सभी आवेदकों को वरिष्ठता के आधार पर कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर ने मंत्री से आग्रह किया कि कनेक्शन न होने के कारण किसान बाहर से फसल के लिए पानी खरीद रहा है, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री ने अगली बैठक के लिए मामले को लंबित कर दिया।

जनाब गलत बोल रहा है.. मुझे पता नहीं काम कब शुरू हुआ

बैठक में जब मंत्री ने कार्यकारी अभियंता से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि मामले में 90 दिन की अतिरिक्त देरी हुई है। इसके लिए काम करने वाले ठेकेदार को नोटिस भी दिया हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि गांव में कनेक्शन के लिए काम शुरू कर दिया है। इस पर प्रार्थी सौरव बोले कि अधिकारी गलत जानकारी दे रहे हैं, उन्हें काम शुरू होने की जानकारी नहीं है।

अधिकारी शिकायतों का निवारण करें तो मामले यहां न आएं

बैठक में कुल 13 परिवाद रखे गए, इनमें से पांच का मौके पर समाधान हुआ। शेष आठ परिवादों की पुनः जांच उच्च अधिकारियों को सौंपी गई। मंत्री ने कहा कि अधिकारी आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों को अपने-अपने कार्यालय में ध्यान से सुनें और उनका समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का निवारण करना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में बिजली, पानी, पेंशन जैसी समस्या इस बैठक में नही आनी चाहिए बल्कि उनका समाधान अपने कार्यालय में ही किया जाए।

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