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भिवानी। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनगणना-2027 का कार्य एक मई से डिजिटल मोड में शुरू किया जाएगा। यह जानकारी डीसी साहिल गुप्ता ने लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए सक्षम अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएंगी।
डीसी ने अधिकारियों को जनगणना-2021 की अनुदेश पुस्तिकाओं को जल्द निष्क्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से तकनीकी सहायक और एमटीएम की नियुक्ति दो मार्च से पहले करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी ट्रेनिंग समय पर करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी देश और प्रदेश की विकास नीतियों एवं योजनाओं का आधार जनगणना होती है। जनसंख्या के अनुरूप ही नीतियां निर्धारित की जाती हैं और प्रत्येक विभाग वर्तमान आवश्यकताओं व भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाता है। उन्होंने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी और उन्हें अप्रैल माह में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डिजिटल मोड में होगी पूरी जनगणना
डीसी ने बताया कि जनगणना-2027 का कार्य पूरी तरह डिजिटल मोड में किया जाएगा। इसके लिए एचएलओ नाम से एक मोबाइल एप तैयार किया गया है। जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में एक मई से मकानों का सूचीकरण किया जाएगा, जिसमें मकान का क्षेत्रफल, बिजली, पानी, सीवरेज, इंटरनेट केबल और वाहन सुविधाओं से संबंधित विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में आमजन की गणना की जाएगी। जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. भागीरथ कौशिक ने जनगणना से संबंधित संसाधनों की जानकारी देते हुए बताया कि मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 24 से 27 फरवरी तक हिपा गुरुग्राम में होगा। ये मास्टर ट्रेनर दो मार्च को सभी चार्ज जनगणना अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। इसके अतिरिक्त अप्रैल माह तक प्रशिक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा। बैठक में एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, एसडीएम भिवानी महेश कुमार, नगराधीश अनिल कुमार, एसडीएम तोशाम प्रदीप अहलावत, एसडीएम लोहारू मनोज दलाल, एसडीएम सिवानी विजया मलिक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिले में एक मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना : डीसी




