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Is Borderline Blood Sugar Dangerous: हममें से कई लोग यह मान लेते हैं कि अगर फास्टिंग शुगर ‘लगभग नॉर्मल’ है या HbA1c डायबिटीज की सीमा से थोड़ा कम है, तो सब ठीक है. लेकिन यही सबसे बड़ी भूल हो सकती है. बॉर्डरलाइन शुगर लेवल यह संकेत है कि शरीर अंदर ही अंदर संघर्ष कर रहा है. ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती, यह धीरे-धीरे सालों में ऊपर जाती है और इस दौरान ब्लड़ बेसल्स, नसों और अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
सीनियर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति पंडित ने TOI हेल्थ को बताया कि भारत में प्री-डायबिटीज के मामले डायबिटीज से भी ज्यादा हैं. आईसीएमआर के एक स्टडी में पाया गया कि देश में डायबिटीज की दर लगभग 11.4 प्रतिशत है, जबकि प्री-डायबिटीज करीब 15.3 प्रतिशत लोगों में मौजूद है. फास्टिंग शुगर 110 से अधिक, खाने के बाद 160 से ऊपर और HbA1c 5.7 से 6.4 के बीच हो तो इसे बॉर्डरलाइन या प्री-डायबिटीज माना जाता है. इसे नजरअंदाज करना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यही वह चरण है जहां से बीमारी पूरी तरह विकसित हो सकती है.
कब करनी चाहिए चिंता?
अक्सर लोग सोचते हैं कि जब तक कोई लक्षण नहीं, तब तक चिंता की जरूरत नहीं. लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस, खाने के बाद हल्के शुगर स्पाइक्स या अचानक थकान जैसे संकेत बताते हैं कि शरीर संतुलन खो रहा है. यही समय है जब सतर्क होकर बदलाव किए जाएं तो स्थिति को पलटा जा सकता है. डॉ. पंडित कहती हैं कि सबसे बड़ी गलती है बढ़े हुए शुगर लेवल को हल्के में लेना. बैठकर लंबे समय तक काम करना, अनियमित खान-पान, देर से नाश्ता या रात का खाना, दिन में ज्यादा सोना और रात में जागना, ये सभी आदतें शुगर को डायबिटीज की ओर धकेल सकती हैं. इसके अलावा अत्यधिक शराब, धूम्रपान, पारिवारिक हिस्ट्री और बढ़ता वजन भी जोखिम बढ़ाते हैं.
कैसे इससे बच सकते हैं?
एक्सपर्ट बताते हैं कि अच्छी बात यह है कि प्री-डायबिटीज को कई मामलों में रिवर्स किया जा सकता है. संतुलित और समय पर भोजन, नियमित फिजिकल एक्टिविटी, पर्याप्त नींद और तनाव में कमी बेहद अहम हैं. फास्टिंग शुगर 110 से कम, पोस्ट-प्रांडियल 160 से कम और HbA1c 5.6 से नीचे रखना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अगर परिवार में डायबिटीज का हिस्ट्री है या लाइफस्टाइल अनहेल्दी है, तो और भी सावधानी जरूरी है. डायबिटीज सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि कई गंभीर रोगों की जमीन तैयार करती है, जैसे कि हार्ट की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी और लिवर की समस्या, स्ट्रोक और यहां तक कि कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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क्या आप भी 110 फास्टिंग शुगर को मान रहे हैं ‘नॉर्मल’? एक्सपर्ट ने इसको लेकर दी बड़ी चेतावनी



