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श्रीलंका की राजधानी कोलंबो इन दिनों सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि क्रिकेट की धड़कन बन चुकी है। टी20 वर्ल्ड कप ने उसे वह शोर, वह जुनून लौटा दिया है, जिसके खो जाने का डर यहां के लोगों को वर्षों से सताता रहा। कोलंबो आकार में भले बड़ा न हो, लेकिन दो अलग-अलग वर्ल्ड कप वेन्यू रखने वाला मौजूदा वर्ल्ड कप में इकलौता शहर है। बस स्टॉप्स पर वर्ल्ड कप की चर्चा है, रेस्तरां में वेटर मैच से नजरें नहीं हटा पा रहे, पब्स में क्रिकेट क्विज चल रहे हैं और फुटपाथों पर नकली जर्सियां तेजी से बिक रही हैं। व्हाट्सऐप ग्रुप्स क्रिकेट संदेशों से भरे पड़े हैं। कहीं दोस्त पूछ रहे हैं कि छोटे-छोटे मैचों में भी चलें क्या? कोई हैरत से किसी कैच की तारीफ कर रहा है, तो कोई खिलाड़ियों के अंदाज पर हल्की-फुल्की टिप्पणी कर रहा है। कोलंबो में 2011 वर्ल्ड कप जैसा माहौल है। पिछले एक दशक में श्रीलंका की पुरुष टीम के प्रदर्शन में आई गिरावट ने देश के क्रिकेट प्रेम पर असर डाला था। जुनून फीका पड़ता दिख रहा था। लेकिन इस वर्ल्ड कप ने मानो रोमांच का इंजेक्शन दे दिया है। दोनों शहरों के मिजाज बिल्कुल अलग कोलंबो के दो वर्ल्ड कप वेन्यू एक-दूसरे से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर हैं, लेकिन उनका मिजाज बिल्कुल अलग है। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) कोलंबो-7 के ‘सिनेमन गार्डन्स’ में स्थित है। यह देश का सबसे महंगा और पॉश इलाका है, जहां चौड़ी सड़कों के किनारे विशाल पेड़ और औपनिवेशिक दौर की इमारतें हैं। यहां नई फ्लडलाइट्स ने इसे और भी आधुनिक बना दिया है। पाकिस्तान बनाम अमेरिका के मैच में यहां स्टैंड्स पूरी तरह भरे हुए थे। इसकी सेंट्रलाइज्ड लोकेशन इसे श्रीलंका का पहला डे-नाइट टेस्ट वेन्यू बना सकती है। इसके उलट, आर. प्रेमदासा स्टेडियम (खेत्तारामा) शहर के अपेक्षाकृत साधारण और घनी आबादी वाले इलाके में बसा है। यहां की गलियां संकरी हैं। दुकानों और अस्थायी ढांचों की भीड़ स्टेडियम की बाहरी दीवारों से सटी है। पास में कम लागत वाले आवासीय अपार्टमेंट भी हैं, जहां पहले झुग्गियों में रहने वाले लोग बसाए गए हैं। लेकिन यही मैदान श्रीलंकाई क्रिकेट की आत्मा को सबसे करीब से दिखाता है। जब यहां स्टैंड्स में ‘पपारे’ बैंड की धुनें गूंजती हैं, जब हर चौके-छक्के पर भीड़ गरजती है, जब बच्चे स्पिन गेंदबाजों की जादुई गेंदों पर ठहाके लगाते हैं- तब श्रीलंका का क्रिकेट अपने सबसे जीवंत रूप में दिखता है। यह माहौल नशे की तरह है, जिसकी बराबरी मुश्किल है। कोलंबो शहर अब भी दुनिया के महान क्रिकेट शहरों में अपनी जगह रखता है कोलंबो की क्रिकेट विरासत इतनी समृद्ध है कि इस वर्ल्ड कप में उसका एक और ऐतिहासिक मैदान पी. सारा ओवल इस्तेमाल ही नहीं हो रहा। यह वही मैदान है, जहां महान डॉन ब्रैडमैन और उनकी ‘इन्विंसिबल्स’ टीम खेली थी। श्रीलंका का पहला टेस्ट यहीं आयोजित हुआ था। इस तरह अगर टी20 वर्ल्ड कप 2026 ने कुछ साबित किया है, तो वह यह कि श्रीलंका का कोलंबो शहर अब भी दुनिया के महान क्रिकेट शहरों में अपनी जगह रखता है- पूरी शान और पूरे शोर के साथ।
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दो वर्ल्ड कप वेन्यू वाला इकलौता शहर: कोलंबो बना क्रिकेट की धड़कन, दोनों स्टेडियम में सिर्फ 5 किमी का अंतर



