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हम अक्सर सोचते हैं कि उम्र बढ़ना एक सीधी और धीमी प्रक्रिया है. हर साल थोड़ा-थोड़ा बदलाव, बालों का सफेद होना, स्किन पर झुर्रियां, एनर्जी में कमी, लेकिन क्या हो अगर सच्चाई इससे अलग हो और क्या हो अगर शरीर अचानक कुछ खास उम्र में तेजी से बदलने लगे. 2024 में प्रकाशित एक जरूरी शोध ने इसी धारणा को चुनौती दी. यह अध्ययन अमेरिका के प्रसिद्ध शोध संस्थान Stanford University में किया गया था. इस रिसर्च का नेतृत्व आनुवंशिकीविद् Michael Snyder ने किया. उनके अनुसार, इंसान की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पूरी तरह से सीधी रेखा की तरह नहीं चलती, बल्कि दो खास चरणों में अचानक तेज बदलाव होते हैं. तो आइए जानते हैं कि किन 2 मेन फेज में सबसे तेजी से उम्र बढ़ती है.
किन 2 मेन फेज में सबसे तेजी से उम्र बढ़ती है
शोध के मुताबिक, इंसान के शरीर में उम्र से जुड़े बड़े और तेज बदलाव मुख्य रूप से दो चरणों में दिखाई देते हैं. जिसमें पहला चरण लगभग 44 वर्ष की उम्र के आसपास और दूसरा चरण लगभग 60 वर्ष की उम्र के आसपास होता है. इन दोनों उम्र के आसपास शरीर में कई जैविक (मॉलिक्यूलर) बदलाव अचानक बढ़ जाते हैं.
यह रिसर्च कैसे की गई?
वैज्ञानिकों ने 25 से 70 वर्ष की आयु के 108 वयस्क लोगों का कई वर्षों तक अध्ययन किया. हर कुछ महीनों में उनसे खून, स्किन, आंत, नाक और मुंह से जुड़े जैविक नमूने लिए गए. कुल मिलाकर 1,35,000 से ज्यादा जैविक विशेषताओं (जैसे RNA, प्रोटीन, लिपिड और माइक्रोबायोम) का विश्लेषण किया गया. जिसमें 246 अरब से ज्यादा डेटा बिंदुओं की जांच की गई. इतने बड़े डेटा विश्लेषण के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि लगभग 81 प्रतिशत अणुओं में बदलाव इन दो उम्र चरणों में सबसे ज्यादा दिखाई दिए.
44 साल के आसपास क्या बदलता है?
मध्य 40 की उम्र में शरीर में कई क्षेत्रों में तेज बदलाव देखे गए. जैसे लिपिड (फैट) का मेटाबॉलिज्म, कैफीन और अल्कोहल को पचाने की क्षमता, हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ना, स्किन में ढीलापन और मांसपेशियों की मजबूती कम होना है. दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर महिलाओं में इसी उम्र में मेनोपॉज शुरू होती है. लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि पुरुषों में भी इसी उम्र में बड़े बदलाव होते हैं.इसका मतलब है कि सिर्फ हार्मोनल बदलाव ही कारण नहीं हैं. इसके पीछे और भी जैविक कारण हो सकते हैं.
60 साल के आसपास क्या होता है?
60 की शुरुआत में शरीर में दूसरा बड़ा बदलाव आता है. इस समय कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है, कैफीन प्रोसेसिंग में बदलाव, हार्ट डिजीज का खतरा और बढ़ता है, इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, किडनी फंक्शन में गिरावट, स्किन और मांसपेशियों में और कमजोरी है. यानी इस उम्र में शरीर की मरम्मत और सुरक्षा क्षमता स्पष्ट रूप से कम होने लगती है. कुछ हद तक शोधकर्ताओं ने पाया कि अल्जाइमर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा धीरे-धीरे नहीं, बल्कि एक निश्चित उम्र के बाद तेजी से बढ़ता है. इससे यह समझ आता है कि शरीर के अंदर जैविक स्तर पर अचानक बदलाव बीमारी के जोखिम को भी अचानक बढ़ा सकते हैं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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किन 2 मेन फेज में सबसे तेजी से बढ़ती है उम्र? स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात


