Karnal News: पुरानी व नई बिल्डिंग के बीच का रास्ता बंद होने के विरोध में एक घंटे वकीलों ने नहीं किया काम Latest Haryana News

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जिला न्यायिक परिसर में शुक्रवार को लिटीजेंट हॉल में पांच नई अदालत शुरू होने के बाद नई बिल्डिंग से पुरानी अदालत में जाने का छोटा रास्ता बंद हो गया। वकीलों ने इसका विरोध किया। सुबह 10 बजे से काम बंद कर दिया। करीब एक घंटे के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा ने सीधा रास्ता दिए जाने का आश्वासन दिया तब वकीलों ने काम शुरू किया। एक घंटे काम बंद रहने के दौरान काफी मुकदमों में लोगों को नई तारीखें मिल चुकी थीं।

जिला न्यायिक परिसर में न्याय के लिए आने वाले लोगों के बैठने के लिए लिटीजेंट हॉल बनाया गया है। पिछले काफी दिनों से निर्माण कार्य चालू था। शुक्रवार को यहां पर पांच नई अदालतों का शुभारंभ हुआ। वकीलों ने बताया कि स्थापित की गई नई अदालत के अंदर से ही पुरानी बिल्डिंग में जाने के रास्ते को दीवार बनाकर बंद किया जा रहा है। ऐसा नहीं किया जाए। रास्ते को बंद कर दिया तो उन्हें परिसर के बाहर से घूमकर पुरानी अदालत में जाना पड़ेगा। उनका काफी समय खराब होगा।

वकील भूपेंद्र सिंह, पराग, सुनील कुमार, निर्मल ने कहा कि करनाल बार में नया ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स बनाया गया है। नए जजों को कोर्ट रूम दे दिए गए हैं, लेकिन कोर्ट रूम बनाने से पहले एसोसिएशन को न तो कोई ड्राइंग दिखाई गई और न ही आने-जाने के लिए उचित रास्ता छोड़ा गया। यहां से पुरानी बिल्डिंग में आने-जाने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है।


छोटा रास्ता, सुरक्षा के नाम पर बंद कर दिया

वकील अंशुल, सुनील, प्रिंस ने कहा कि पहले यहां से पुरानी बिल्डिंग में जाने के लिए छोटा सा रास्ता था। सुरक्षा के नाम पर पूरे रास्ते को बंद कर दिया गया है। अब वकीलों को पहले पुरानी बिल्डिंग और फिर नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। वकील पूरे दिन कोर्ट परिसर में चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। करनाल में करीब साढ़े तीन हजार वकील पंजीकृत हैं, रोजाना दो से ढाई हजार वकील कोर्ट आते हैं। रास्ता न होने से न केवल समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि सुरक्षा का भी सवाल खड़ा हो रहा है।

उचित रास्ता दिए जाने का आश्वासन : सुरजीत मंढान

करनाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरजीत मंढ़ान ने बताया कि नई अदालतों और पुरानी बिल्डिंग के बीच रास्ता दे दिया जाए। ताकि एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जाने में दिक्कत न हो। वकीलों की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा से मुलाकात हुई थी। उन्होंने दोनों बिल्डिंगों के लिए रास्ता देने का आश्वासन दिया है।

रास्ता नहीं मिला तो फिर काम बंद : नवीन राणाकरनाल बार एसोसिएशन के सचिव नवीन राणा ने कहा कि वकीलों को रास्ता दिए जाने का आश्वासन मिला है। इसके बाद भी अगर उन्हें उचित रास्ता नहीं दिया गया तो वकील दोबारा फिर वर्क सस्पेंड करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने उम्मीद है कि अब दोनों बिल्डिंगों के बीच रास्ता स्थापित हो सकेगा।

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Karnal News: पुरानी व नई बिल्डिंग के बीच का रास्ता बंद होने के विरोध में एक घंटे वकीलों ने नहीं किया काम