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फतेहाबाद। जनगणना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इस वर्ष एक मई से जिलेभर में हाउस लिस्टिंग (घरों व संपत्तियों की गणना) का कार्य आरंभ होगा, जबकि आम जनता की जनसंख्या गणना अगले वर्ष फरवरी 2027 से शुरू की जाएगी। प्रस्तावित जनगणना 2027 देश के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि यह भारत सरकार की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी।
जिले में तैयारियों को लेकर उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने जिलास्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस रहेगी। गणनाकर्मी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े सीधे डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे। इससे डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी, मानवीय त्रुटियां कम होंगी और प्रोसेसिंग समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जनगणना के लिए नियुक्त स्टाफ का समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए और सभी बिंदुओं को विस्तार से कवर किया जाए। बैठक में डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया की बिंदुवार जानकारी भी दी गई। पहला चरण हाउस लिस्टिंग का कार्य एक मई 2026 से आरंभ होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इन दोनों चरणों में प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा। दोनों चरणों में प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के आंकड़े केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं, संसाधनों के उचित वितरण और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे यह भी आकलन होता है कि सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना में सक्रिय सहभागिता करें। जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की नीतिगत दिशा तय करने की आधारशिला है। बैठक में नगराधीश गौरव गुप्ता, सीएमजीजीए विनय यादव आदि माैजूद रहे।
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