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रेलवे रोड पर काठ मंडी में लोहे के व्यापारी राजेश गोयल ने बताया कि सरिया और अन्य लोहे के उत्पादों में औसतन 12 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और निर्यात में तेजी के कारण घरेलू बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है जिससे दाम चढ़े हैं।
सरिया कारोबारी अमित जैन ने बताया कि जो लोहा कुछ समय पहले 52 रुपये प्रति किलो बिक रहा था वह अब 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। शहर के मेन बाजार में धातु कारोबारी मनोज बंसल के अनुसार तांबे में लगभग 300 रुपये प्रति किलो तक की तेजी दर्ज की गई है।
इलेक्ट्रिकल वायरिंग और इंडस्ट्रियल उपयोग में तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है। आयात महंगा होने से स्थानीय बाजार में रेट ऊपर जा रहे हैं। वहीं आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में पीतल कारोबारी संदीप अग्रवाल ने कहा कि पीतल के दामों में भी करीब 200 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है।
शादी और निर्माण सीजन में मांग ज्यादा रहती है जिससे कीमतों पर दबाव बनता है। निर्माण ठेकेदार नजफगढ़ रोड निवासी दूरभाष और नई बस्ती निवासी कृष्ण कुमार का कहना है कि लोहे और तांबे की बढ़ती कीमतों से घर बनाना पहले से काफी महंगा हो गया है।
यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में निर्माण लागत और बढ़ सकती है। लोहे और तांबे की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। निर्माण कार्य से लेकर बिजली फिटिंग तक हर काम महंगा हो गया है।
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Rohtak News: सोने-चांदी के बाद लोहे और तांबे के दाम में उछाल, घर बनाना हुआ महंगा




