जीना इसी का नाम है.. अंबाला में नहीं रहे स्ट्रीट डॉग्स के मसीहा एडवोकेट विनय मारवाह Haryana News & Updates

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अंबाला शहर के मॉडल टाउन स्थित एक मकान में बीते कुछ दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ था और 32 स्ट्रीट डॉग (बेसहारा श्वान) अपने मालिक का इंतजार कर रहे थे. दरअसल, बीते सोमवार सुबह 3 बजे 66 वर्षीय स्ट्रीट डॉग्स प्रेमी विनय मारवाह का हृदय गति रुकने से निधन हो गया. इसके बाद उनके 32 स्ट्रीट डॉग्स घर में भूखे-प्यासे, दर्दभरी आंखों से अपने मालिक का इंतजार करते रहे.

बेसहारा जीवों के प्रति था गहरा प्रेम

बता दें कि एडवोकेट विनय मारवाह पिछले 40 वर्षों से अंबाला में स्ट्रीट डॉग्स को सहारा देने का काम कर रहे थे. बेसहारा जीवों के प्रति उनका प्रेम इतना गहरा था कि उन्होंने शादी तक नहीं की. वह अक्सर सड़क पर घायल स्ट्रीट डॉग्स को अपने घर ले आते थे, उनका इलाज करवाते थे और फिर अपने घर में ही उनका पालन-पोषण करते थे.

हृदय गति रुकने से हुआ निधन

लोकल 18 को जानकारी देते हुए वंदे मातरम् दल के सदस्य भरत कुमार ने बताया कि सोमवार को वरिष्ठ पशुप्रेमी एडवोकेट विनय मारवाह का हृदय गति रुकने से निधन हो गया. उनके निधन के बाद घर में मौजूद 32 स्ट्रीट डॉग्स बेसहारा हो गए. उन्हें सूचना मिली थी कि विनय मारवाह की तबीयत खराब है, जिसके बाद उनके निधन की खबर मिली. वंदे मातरम् दल और उनके भाई द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया गया.

कौन देगा 32 डॉग्स को सहारा

उन्होंने बताया कि विनय मारवाह मॉडल टाउन स्थित अपने घर में अकेले इन स्ट्रीट डॉग्स के साथ रहते थे. उनके जाने के बाद इन 32 डॉग्स को सहारा देने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें गोद लेने (अडॉप्ट करने) की अपील की गई. इसके बाद मोहाली की पशुप्रेमी मीनाक्षी मलिक की संस्था ‘रब दे जीव’ के सदस्य इन डॉग्स को अपने साथ ले जा रहे हैं, जहां उनका पालन-पोषण किया जाएगा.

बेसहारा जानवरों के लिए खर्च कर दी जमा पूजी

भरत कुमार ने बताया कि ये सभी स्ट्रीट डॉग्स विनय मारवाह के साथ उनके कमरे और बिस्तर पर ही रहते थे. सर्दियों में उनके लिए हीटर लगाया जाता था और गर्मियों में एसी चलाया जाता था. उनका प्रेम इतना था कि वे खुद गाड़ी चलाकर डॉग्स को डॉक्टर के पास ले जाते थे. इनमें से कई डॉग्स चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं.

डॉग्स के पालन-पोषण के लिए विनय मारवाह ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी. वे उन्हें खाने में चिकन, दूध और कैल्शियम बोन आदि देते थे. वर्ष 2024 में जब उन्हें एक पारिवारिक शादी में चार दिन के लिए बाहर जाना पड़ा, तब उनके डॉग्स ने खाना नहीं खाया. बाद में वीडियो कॉल पर उनकी आवाज सुनकर ही डॉग्स ने खाना खाया.

उन्होंने बताया कि एक बार उनके मकान की कीमत 4 करोड़ रुपये तक लगाई गई थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मकान बेचने से इनकार कर दिया था कि अगर मकान बेच दिया, तो इन डॉग्स का क्या होगा.

विनय मारवाह के निधन के बाद उनके 32 स्ट्रीट डॉग्स बेसहारा

वहीं, ‘रब दे जीव’ संस्था के सदस्य ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर वंदे मातरम् दल का संदेश मिला, जिसमें बताया गया था कि एडवोकेट विनय मारवाह के निधन के बाद उनके 32 स्ट्रीट डॉग्स बेसहारा हो गए हैं. इसके बाद वे सभी डॉग्स को अपने साथ मोहाली ले जा रहे हैं, जहां उनका पालन-पोषण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि संस्था की संस्थापक मीनाक्षी मलिक पिछले कई वर्षों से मोहाली में लगभग 250 बेसहारा डॉग्स की देखभाल कर रही हैं, जिनमें सड़क हादसों में घायल जानवरों का इलाज भी शामिल है.

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