[ad_1]
- Hindi News
- Opinion
- Global Crisis Due To USAID Budget Cuts, 25 Million People Face ‘famine’ Threat
न्यू यॉर्क टाइम्स28 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
ट्रम्प प्रशासन द्वारा यूएसऐड यानी यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलमेंट के फंड में कटौती से दुनिया के संकटग्रस्त इलाकों में परेशानी होने लगी है। असर ये हुआ कि पिछले साल 2024 की तुलना में 2.5 करोड़ कम लोगों तक सहायता पहुंची। 2,000 से अधिक क्लीनिक बंद हो गए हैं। 2024-2025 के बीच अमेरिकी वैश्विक खाद्य सहायता फंडिंग 40% तक घट गई। लाखों लोगों की एचआईवी उपचार व जांच तक पहुंच की सुविधा खत्म हो गई।
यूएसऐड इस बात का प्रतीक थी कि अमेरिका दुनिया में खुद को कैसा देखना चाहता है। लेकिन ट्रम्प का नया सिस्टम अब अमेरिका की वैश्विक पकड़ और प्रतिष्ठा को कमजोर कर रहा है। इन कदमों से दुनिया अमेरिका को भरोसेमंद साथी नहीं, बल्कि एक अनिश्चित और अस्थिर विरोधी की तरह देखने को मजबूर हो रही है।
सोमालिया में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के अनुसार 2024 के बाद से गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों के भर्ती होने के मामले 73% बढ़े हैं। बांग्लादेश में शरणार्थियों के बीच सहायता घटने से बाल विवाह बढ़े हैं।अफगानिस्तान में महिलाएं खाना कम कर रही हैं। दक्षिण सूडान में स्वास्थ्य और स्वच्छता कार्यक्रम बंद होने के बाद हैजा से मौतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
एक तरफ अमेरिका ने गरीब और संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए पैसा काट दिया, दूसरी तरफ इजराइल सरकार के दबाव में अमेरिकी विदेश विभाग ने नियम तोड़कर 272 करोड़ रुपए ऐसी संस्था को दिए, जिस पर सैकड़ों फिलिस्तीनियों की जानें लेने का आरोप है। शरणार्थियों की मदद के लिए रखी गई 68 करोड़ रुपए भ्रष्टाचार के लिए बदनाम अफ्रीकी देश इक्वेटोरियल गिनी को दे दिए। ताकि वह देश अमेरिका से निकाले गए तीसरे देशों के नागरिकों को अपने यहां स्वीकार करने पर सहमत हो जाए।
विशेषज्ञ चेता रहे स्थिति और खराब हो सकती है
दुनिया के कई संकटग्रस्त इलाकों में परिवार अब जीवित रहने के ऐसे उपाय अपनाने को मजबूर हो गए हैं, जो आमतौर पर बड़े पैमाने पर अकाल जैसी स्थिति से पहले अपनाए जाते हैं। लोग पहले अपनी बची-खुची संपत्ति बेचकर गुजारा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद कई परिवार भोजन छोड़ने लगे हैं और कर्ज में डूब रहे हैं।
कुछ स्थानों पर लोग मजबूरी में अगले साल के लिए बचाकर रखे बीज तक खाने लगे हैं। कई इलाकों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग जीवन बचाने के लिए यौन संबंध बनाने को भी मजबूर हैं। राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सहायता नहीं बढ़ाई गई तो कई संकटग्रस्त क्षेत्रों में भुखमरी और मौतों का खतरा और गंभीर हो सकता है।
10 अरब डॉलर का बजट कम हुआ, सूडान से बांग्लादेश तक असर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा अमेरिका के राहत और विकास कार्यक्रमों से 80% से अधिक को रद्द करने के बाद अब जीवनरक्षक मानवीय राहत पर कुल अमेरिकी खर्च 2024 में 14 अरब डॉलर(1.27 लाख करोड़ रु.) से अधिक था, जो कि घटकर 2025 में सिर्फ 3.7 अरब डॉलर (33 हजारकरोड़) रह गया। वैश्विक राहत के लिए 10 अरब डॉलर रोक लेना संघीय बजट के लिए राउंडिंग एरर जितना ही है।
सूडान, बांग्लादेश, गाजा, केन्या तथा चाड के शरणार्थी शिविरों तक में धन की जरूरत है। रुबियो ने कहा है कि इन कटौतियों से किसी की मौत नहीं हुई, इन दावों को पूरी तरह गलत साबित किया जा चुका है। केन्या में खाद्य सहायता कटौती के बाद शरणार्थी बच्चों की भूख से मौत, स्वास्थ्य कार्यक्रम बंद होने के बाद इलाज योग्य बीमारियों से लोगों की मौत और एचआईवी कार्यक्रमों में व्यवधान के कारण बच्चों के एचआईवी के साथ पैदा होने के मामले आ रहे हैं।
[ad_2]
अमेरिका की ‘कठोर’ नीति: यूएसऐड बजट में कटौती से वैश्विक संकट, 2.5 करोड़ लोगों के सामने ‘अकाल’ का खतरा



