Gastro: आपके बच्चे के पेट में भी बनती है गैस, अस्पताल जाने की जरूरत नहीं, बस घर में मौजूद इन आसान उपाय से पाएं छुटकारा Haryana News & Updates

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माता पिता आजकल बच्चों में गैस की समस्या को नहीं समझ पाते हैं, जिससे बच्चों के खान-पान में इसका सीधा असर पड़ता है. ऐसे में बच्चों में गैस की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में सबसे आरामदायक उपाय हींग को बताया है, जिसमें हींग को पानी में घिसकर उसका लेप बना लेना होता है ओर फिर उसे बच्चों की नाभि में लगाना होता है.

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अंबाला. आज के समय में गैस की समस्या आम और गंभीर परेशानी बनती जा रही है. यह दिक्कत सिर्फ बड़े या बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इससे परेशान नज़र आते हैं. अक्सर देखा जाता है कि जब घर में किसी नवजात बच्चे का जन्म होता है और वह बिना किसी साफ वजह के लगातार रोने लगता है तो माता-पिता घबरा जाते हैं और तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच जाते हैं. पुराने समय में बुज़ुर्ग कहा करते थे कि कई बार बच्चों के रोने का कारण उनके पेट में बनी गैस होती है, जिसे वे शब्दों में नहीं बल्कि रोकर ज़ाहिर करते है. हालांकि. आज के दौर में माता-पिता बच्चों की हर छोटी समस्या को लेकर ज़्यादा चिंतित हो जाते हैं.

ज़रूरी है कि मां-बाप अपने बच्चे के रोने के कारण को समझने की कोशिश करें. अगर पेट में गैस की समस्या लगती है तो बिना घबराए नज़दीकी डॉक्टर से सलाह लेकर सही उपाय अपनाने चाहिए ताकि बच्चे को राहत मिल सके और माता-पिता भी बेफिक्र रह सकें.

लोकल18 ने अंबाला छावनी स्थिति नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर जितेंद्र वर्मा से इस मामले पर बातचीत की तो उन्होंने बताया कि माता पिता आजकल बच्चों में गैस की समस्या को नहीं समझ पाते हैं, जिससे बच्चों के खान-पान में इसका सीधा असर पड़ता है. ऐसे में बच्चों में गैस की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में सबसे आरामदायक उपाय हींग को बताया है, जिसमें हींग को पानी में घिसकर उसका लेप बना लेना होता है और फिर उसे बच्चों की नाभि में लगाना होता है.

उन्होंने बताया कि यह उपाय काफी ज्यादा कारगर साबित होगा और इसके इस्तेमाल का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है. उन्होंने बताया किसके साथ ही मार्केट में अजवाइन और सौंफ का अर्ग मिलता है, वह भी बच्चों को बूंदों के हिसाब से पिलाया जा सकता है.

आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इसे घर में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है, जिसमें अजवाइन और सौंफ को पीसकर पाउडर बना लेना होता है और फिर गर्म पानी में उबालकर इसका सेवन भी बच्चे को करवा सकते हैं. उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में प्रोटीन काफी ज्यादा होने के कारण गैस की समस्या होती है, क्योंकि दाल खिचड़ी बच्चों को अत्यधिक सेवन करने से वह गैस का रूप ले लेती है. इसलिए अगर बच्चों को खिचड़ी का सेवन कर रही है तो उसमें कुछ सब्जियां भी डाल लेनी चाहिए, जिसमें गाजर, मटर,विंग्स ओर गोभी आसानी से डाली जा सकती है.

उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को ठंडा पानी नहीं पिलाना चाहिए और इसके साथ ही मैदा और पैकेट बंद चीजों का सेवन भी गैस का कारण बन जाता है. पेट में गैस के लक्षणों में यह चीजें शामिल है जिसमें बार बार गैस निकलना और पेट फूलना ही हो सकता हैं. इसके साथ ही पेट में हल्की बेचैनी या फिर डकार और अतिरिक्त नखरे होना. बच्चा बार बार खाने की चीजों को अपने से दूर करने लगता है और काफी ज्यादा रोता हुआ भी दिखाई देता है. यह सभी लक्षण गैस के होते हैं.

इसके साथ ही डाइट प्लान में बच्चों को हल्की चीजों का सेवन करवाना होता है. जिसमें फल फ्रूट दोपहर के समय लिक्विड और वैसे छोटे टुकड़ों के रूप में खिलाया जा सकते हैं.इसके साथ ही दालों के पानी को बच्चों को पीला सकते हैं और उसमें नमक की मात्रा थोड़ी कम रखनी होती है.इसके साथ ही बच्चे को थोड़ा गुनगुना दूध पिला सकते हैं लेकिन उसे दलिया और पौष्टिक आहार की खिचड़ी भी खिलानी हैं, जिसमें हरी सब्जियों को कुछ एक मात्रा में शामिल कर लेना है.

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Vinod Kumar Katwal

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

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बच्चे के पेट में गैस: अस्पताल जाने की जरूरत नहीं, ये देशी नुस्खे अपनाएं!

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