Chandigarh: अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जताई चिंता, पूछे ये सवाल Chandigarh News Updates

[ad_1]

भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी कर दी है। इसमें व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दिया है। संयुक्त बयान में कहा गया कि ढांचा तुरंत लागू कर अंतिम समझौते पर काम होगा। राष्ट्रपति ट्रंप की हालिया घोषणा के बाद यह कदम सामने आया है। इसमें टैरिफ कटौती और व्यापार बाधाएं घटाने पर सहमति बनी है।

चंडीगढ़ के कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। तिवारी ने कहा कि भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान में कथित व्यापार समझौते की रूपरेखा स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि भारत अपने औद्योगिक क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बयान में भारत के कृषि क्षेत्र को खोलने की भी चर्चा है, जिसमें कुछ वस्तुओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। हालांकि, इसमें इस्तेमाल की गई भाषा में इन वस्तुओं सहित है, न कि इन तक सीमित, जिससे आशंका पैदा होती है कि आगे चलकर और भी कृषि उत्पादों को इसमें शामिल किया जा सकता है। 

मनीष तिवारी ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में यह उल्लेख है कि भारत ने रूस से तेल न खरीदने की कथित प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि ये सभी मुद्दे बेहद गंभीर हैं और इनका भारत की आर्थिक सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता और विकास की दिशा पर दूरगामी असर पड़ सकता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों पर संसद में पूर्ण चर्चा और पूरी पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस समझौते के सभी पहलुओं को संसद के सामने स्पष्ट करे, ताकि देशहित में उचित निर्णय लिया जा सके।



[ad_2]
Chandigarh: अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जताई चिंता, पूछे ये सवाल