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चंडीगढ़ के आसपास हो रहे निर्माण से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने कहा है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही बरती है और उनसे इसका जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी। काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई।चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि चंडीगढ़ के आसपास निर्माण कार्य लगातार चल रहे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। 7वीं सुनवाई तक जवाब नहीं सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि एक संबंधित विभाग/पक्ष की ओर से अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है, जबकि इस मामले की सात बार सुनवाई हो चुकी है। इस पर एनजीटी ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया। उस संबंधित पक्ष ने जवाब देने के लिए चार सप्ताह का और समय मांगा। साथ ही भरोसा दिलाया कि 18 दिसंबर की सुनवाई में कही गई बातों पर अमल किया जाएगा। अधिकरण ने समय तो दे दिया, लेकिन साफ शब्दों में कहा कि अब आगे किसी भी तरह की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्चुअल रूप से पेश होने के निर्देश एनजीटी ने संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को अगली सुनवाई में ऑनलाइन माध्यम से पेश होकर अपनी बात साफ-साफ रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकरण ने कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए इसमें जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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चंडीगढ़ के आसपास हो रहा निर्माण पहुंचा रहा नुकसान: NGT ने मांगा जवाब, संबधित अधिकारियों के मांगे नाम, 9 अप्रैल अगली सुनवाई – Chandigarh News


