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अमृतसर। मोहाली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री अंब साहिब की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के एक शिष्टमंडल ने मोहाली के डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर जमीन का इंतकाल रद्द करने, आगे किसी भी प्रकार की बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि यह शिष्टमंडल एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर डीसी से मिला। प्रतिनिधिमंडल में एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह, डिप्टी सचिव गुरनाम सिंह, कानूनी सलाहकार एडवोकेट अमनबीर सिंह स्याली और श्री हरिमंदिर साहिब के प्रबंधक राजिंदर सिंह रूबी शामिल थे।
फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने का आरोप
मन्नन ने कहा कि एसजीपीसी की ओर से दी गई लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुरुद्वारा श्री अंब साहिब मोहाली के तत्कालीन मैनेजर राजिंदर सिंह टोहरा ने जाली दस्तावेजों के जरिए गुरुद्वारा साहिब की संपत्ति का अवैध रूप से ट्रांसफर कराया और जमीन बेचकर धनराशि हड़प ली। यह संपत्ति गुरुद्वारा साहिब की है और किसी भी सूरत में निजी बिक्री के दायरे में नहीं आती।
एसएसपी से एफआईआर दर्ज करने की मांग
एसजीपीसी ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी मांग की है कि मैनेजर राजिंदर सिंह टोहरा सहित इस धोखाधड़ी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। कुलवंत सिंह मन्नन ने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारा साहिब की संपत्तियों से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एसजीपीसी इस मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।
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Chandigarh News: गुरुद्वारा श्री अंब साहिब जमीन मामला…
एसजीपीसी ने डीसी से इंतकाल रद्द कराने और एसएसपी से केस दर्ज कराने की मांग उठाई

