[ad_1]
मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताकर डराया, छापे में मिले 275 एटीएम में एक उनका बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। कैलाश नगर निवासी और बीएसएनएल से सेवानिवृत्त डीजीएम रणजीत सिंह (73) को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 4.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित रणजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 जनवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताया। उसने कहा कि जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल (जो मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में हैं) के घर छापामारी के दौरान 275 एटीएम मिले हैं, जिनमें से एक केनरा बैंक का एटीएम रणजीत सिंह के नाम पर है। ठग ने दावा किया कि इसके बदले रणजीत सिंह ने पांच लाख रुपये लिए हैं।
फर्जी वारंट भेजकर बनाया दबाव
जब पीड़ित ने अपना खाता होने से मना किया तो अगले दिन ठगों ने व्हाट्सएप पर एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट और एफआईआर की कॉपी भेजी। इसमें पीड़ित का नाम लिखा देख वह बुरी तरह डर गए। जालसाजों ने उन्हें डरा-धमकाकर उनकी संपत्ति और बैंक खातों की पूरी जानकारी ले ली। ठगों ने कहा कि यदि वह अपनी बेगुनाही साबित करना चाहते हैं, तो उन्हें जांच के लिए 4.50 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कराने होंगे, जो 24 घंटे में वापस मिल जाएंगे।
बंधन बैंक के खाते में ट्रांसफर कराए पैसे
डरकर बुजुर्ग ने 3 जनवरी को बताए गए बंधन बैंक के खाते में एनईएफटी के जरिए साढ़े चार लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने हिदायत दी कि यह गोपनीय जांच है, इसलिए किसी को भी इसके बारे में न बताएं। अगले दिन जब फोन बंद मिला तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
[ad_2]
Source link




