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फरीदाबाद. इन दिनों फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा लोगों की ज़िंदगी मुश्किल कर रही है. फरीदाबाद में AQI करीब 406 पहुँच गया है ये सीधे-सीधे खतरनाक ज़ोन है. मतलब, यहाँ सांस लेना भी सेहत के लिए खतरे से कम नहीं. असली वजह है हवा में मौजूद PM10 और PM2.5 जैसे बेहद बारीक कण जो फेफड़ों में जाकर गंभीर बीमारियाँ पैदा कर देते हैं. अहम बात है कि बारिश के बाद भी हालात नहीं सुधर रहे हैं.
दरअसल, फरीदाबाद के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं. बल्लभगढ़, सेक्टर 11, 14, 15A, 16, 17, 21C, 29, 45, 82, 86 इन सब जगहों में AQI 400 से ऊपर पहुँच चुका है. अशोका एन्क्लेव, एतमादपुर, फिरोज सिटी, नया औद्योगिक टाउनशिप (NIT) और तिगांव में भी हालत बिगड़ चुकी है. यहां रहने वाले लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और सिरदर्द जैसी दिक्कतें रोज़मर्रा की बात हो गई हैं.
बच्चे, बुजुर्ग और जिन लोगों को पहले से सांस या दिल की बीमारी है, उनके लिए तो यह और भी खतरनाक है. डॉक्टर साफ कहते हैं बिना ज़रूरत घर से बाहर मत निकलो और अगर निकलना ही पड़े तो मास्क ज़रूर पहन लो.
अब गुरुग्राम की बात करें तो वहाँ भी हालात कुछ बेहतर नहीं. AQI 173 से 250 के बीच झूल रहा है जो खराब से बहुत खराब कैटेगरी में आता है. कई जगहों पर प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है जैसे सेक्टर 56 में AQI 220 से ऊपर चला गया है. धुंध और धुएं की मोटी परत की वजह से अब तो दूर तक दिखना भी मुश्किल हो गया है.
गुरुग्राम में भी लोग सांस लेने में दिक्कत, थकान और एलर्जी जैसी परेशानियाँ महसूस कर रहे हैं. खुले में टहलना या सुबह की सैर अब सेहत के लिए सही नहीं रह गया. कुल मिलाकर फरीदाबाद और गुरुग्राम दोनों शहर इस वक्त प्रदूषण के संकट में हैं. लोगों को खुद भी सतर्क रहना होगा और प्रशासन को भी सख्त कदम उठाने पड़ेंगे वरना हालात और बिगड़ सकते हैं. जब तक हवा साफ नहीं होती सावधानी ही सबसे अच्छा बचाव है.
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