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सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन में मंगलवार को पंजाबी नाटक 1675 का मंचन हुआ। इस नाटक का लेखन अमरजीत ग्रेवाल ने किया है जबकि इसका निर्देशन केवल धालीवाल ने किया है। अमृतसर के मंच रंगमंच अमृतसर के कलाकारों ने अभिनय किया।
नाटक का संदेश है कि एआई बच्चे जैसा है। जिस प्रकार आप बच्चों को बातें सिखाते हैं और बच्चा वही सीखता है वहीं चीज एआई भी है। उसका दुरुपयोग मत कीजिए। उसका सदुपयोग करने की बात कही गई है।
नाटक में दो युगों को दिखाया गया। एक 1675 और दूसरा 2025 को दिखाया गया। मंच पर एक ही सेट पर दो युगों को दिखाया। एक दरबार है तो दूसरी तरफ कंप्यूटर और अन्य गैजेट हैं।
नाटक में दिखाया कि एक आर्मी का अधिकारी दो रोबोट तैयार करता है। उसमें जो चीजें इंस्टॉल करते है वहीं चीजें होती है। उस पर अरबों रुपये खर्च कर दिए। लेकिन उस रोबोट को उन लोगों की याद आती है जिन्होंने लोगों के लिए कुर्बानी दी। रोबोट में प्रेम जाग जाता है। वह इंसानियत से प्रेम करने लगता है।
इसमें दिखाया कि 1675 का साल एक तारीख नहीं, मानवीय चेतना के विकास में एक कॉस्मिक धमाका थी। 1675 वह पल जब गुरु तेग बहादुर मानवता की रक्षा के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया। शक्ति की तलवारें हार गई और प्रेम अमर हो गया। 1675 एक ओर आरा, कड़ाही, लौगड़ तो दूसरी ओर सर्वर, कोड, एल्गोरिदम है। दोनों अलग दिखते हैं। पर दोनों ही एक ही प्रश्न पूछते हैं। यह कि क्या मानवता डर चुनेगी या प्रेम का।
नाटक में साजन कोहिनूर, गुरदित्त पाल सिंह, हरप्रीत सिंह, निशान सिंह, विशु शर्मा, हर्षिता भटनोत्रा, गुरलीन कौर, विकास जोशी, कबीर सिंह, इंदरजीत सिंह, सुखमन सिंह सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय किया।
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Chandigarh News: पंजाबी नाटक 1675 में दिखाया तीन सदियों में आया तकनीकी अंतर

