चंडीगढ़ फायरिंग केस-साबा गोबिंदगढ़ के शूटर प्रोडक्शन वारंट पर: राहुल बिष्ट ने किया रेव पार्टी का खुलासा, खानापूर्ति के नाम पर किया लाइन हाजिर – Chandigarh News Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़ सेक्टर-32 में सेवक फार्मेसी पर फायरिंग के मामले में पुलिस चारों आरोपियों को बुडैल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। इनमें लैब संचालक राहुल बिष्ट, रिक्की, राहुल और टैक्सी चालक कुलविंदर उर्फ प्रीत शामिल हैं। हालांकि राहुल बिष्ट ने पुलिस पूछताछ में सरकारी डॉक्टरों को लेकर चंडीगढ़ के क्लबों और बाहर रेव पार्टी करवाने का दावा किया था, लेकिन इसे लेकर अभी तक पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है कि वे डॉक्टर कौन हैं और रेव पार्टी शहर के किस क्लब में होती थी। अब देखना होगा कि पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ में क्या खुलासा करती है। खानापूर्ति के नाम पर लाइन हाजिर सेक्टर-32 में सेवक फार्मेसी पर फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी राहुल बिष्ट, जिसे सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था, सूत्रों के मुताबिक वह काफी समय से साबा गोबिंदगढ़ गैंग से जुड़ा हुआ था और शहर में उनके लिए काम भी कर रहा था। उसके साथ चंडीगढ़ पुलिस के एक पुलिसकर्मी अविनाश की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस के बड़े अधिकारियों द्वारा अविनाश को लाइन हाजिर कर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई बनती है। इससे पहले जब डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल में आरोपियों का साथ देने के मामले में चंडीगढ़ के पूर्व डीजीपी सुरेंद्र यादव ने केस दर्ज करवाया था, तब पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया। पता चला है कि पुलिसकर्मी अविनाश पहले पुलिस स्टेशन-34 में ही तैनात था और वह पुलिस स्टेशन में बनाई गई SIT में भी शामिल था। यानी थाना-34 के दायरे में आने वाले पूरे इलाके की उसे अच्छी जानकारी थी। आरोपी थे गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ के संपर्क में पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कुख्यात गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ के सीधे संपर्क में थे। साबा के कहने पर चंडीगढ़ में कई कारोबारियों से रंगदारी मांगी गई। रंगदारी के शिकार बने लोगों में केमिस्ट शॉप संचालक, इमिग्रेशन सेंटर संचालक और टैक्सी स्टैंड मालिक शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक टैक्सी स्टैंड मालिक और उसके बुडैल निवासी दोस्त से 50-50 लाख रुपये, यानी कुल एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। आरोपी शहर में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सेवक फार्मेसी पर की गई थी फायरिंग पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 16 जनवरी की रात सेक्टर क्षेत्र में स्थित सेवक फार्मेसी पर दो से तीन राउंड फायरिंग की गई थी। गोलियां फार्मेसी के काउंटर पर लगी थीं, जबकि ऑनर का बेटा बाल-बाल बच गया। फायरिंग के बाद आरोपी डेराबस्सी में स्कॉर्पियो कार लूटने की कोशिश और जालंधर में एक प्रॉपर्टी डीलर की कार पर फायरिंग की घटना में भी शामिल पाए गए हैं।

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