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हरियाणा के नूंह में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की रिटायरमेंट के दिन ही मौत हो गई। दिन में विभाग की ओर से उनका विदाई समारोह रखा गया था। इस समारोह में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए हुए पलों को याद और किए कार्यों की सराहना की।
इसके बाद सभी ने उन्हें विदाई दी। इस समारोह के बाद कर्मचारी परिवार के लोगों के साथ घर पहुंच गए, जहां उन्होंने नाते-रिश्तेदारों के लिए 8 दिन बाद रिटायरमेंट पार्टी आयोजन कर दावत देने पर चर्चा की।
इसी चर्चा के दौरान उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर गए। परिवार के लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। परिवार के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही कर्मचारी के बेटे के यहां पुत्र का जन्म हुआ था, इसका कुआं पूजन भी रिटायरमेंट पार्टी वाले दिन ही रखना तय हुआ था। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… पंप ऑपरेटर का काम करते थे चंद्रसेन सैनी
परिजनों के अनुसार, चंद्रसेन सैनी जनस्वास्थ्य विभाग के पंप ऑपरेटर थे, जिनका काम इलाके में पानी छोड़ने का होता था। वो पूरी तरह स्वस्थ थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह परिवार के सदस्यों के साथ भविष्य की योजनाओं और रिटायरमेंट पार्टी की तैयारियों को लेकर चर्चा में व्यस्त थे। 9 फरवरी को रिटायरमेंट पार्टी का प्लान था
परिवार 9 फरवरी को रिटायरमेंट पार्टी और पौत्र जन्म के उपलक्ष्य में कुआं पूजन कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ था। हाल ही में उनके घर पौत्र का जन्म हुआ था, जिससे घर में उत्सव जैसा माहौल था। एक सप्ताह के भीतर खुशियों की किलकारियों से गूंजते घर में अब सन्नाटा छाया हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि दी
चंद्रसेन सैनी के असामयिक निधन पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि चंद्रसेन सैनी को विभाग में एक ईमानदार और सरल स्वभाव के कर्मचारी के रूप में जाना जाता था। फतेहाबाद में हेड कॉन्स्टेबल की रिटायमेंट से 11 दिन पहले हुई थी मौत
करीब 12 दिन पहले फतेहाबाद जिले के गांव नाढोड़ी निवासी हेड कॉन्स्टेबल सेंस्करण गोदारा की रिटायरमेंट से महज 11 दिन पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वह सिरसा में सेशन कोर्ट में तैनात थे। जिस समय उनको अटैक पड़ा, उस समय वह छुट्टी लेकर नए मकान की नींव रखवा रहे थे। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।
सेंस्करण गोदारा के छोटे भाई हरिसिंह गोदारा ने बताया कि उनके भाई पहले सेना में थे। वह जम्मू-कश्मीर, पठानकोट, अहमदाबाद, असम समेत कई जगहों पर तैनात रहे। 17 साल की नौकरी के बाद साल 2005 में वह सेना की नौकरी पूरी कर घर लौट आए। कारगिल युद्ध में भी शामिल हुए थे। इसके बाद सिरसा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) भर्ती हो गए। हार्ट अटैक का पूरा डायनेमिक्स, देखें इन्फोग्राफिक्स…
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पब्लिक हेल्थ कर्मी की रिटायरमेंट के दिन मौत: नूंह में विदाई के बाद घर पहुंचते ही आया हार्टअटैक; 8 दिन बाद पार्टी रखी थी – Nuh News

