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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसका समापन शुक्रवार को हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और विज्ञान को सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जोड़ना रहा। विभिन्न स्कूलों के करीब दो हजार विद्यार्थियों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद, प्रदेश सरकार के सहयोग में आयोजित किया गया।
सम्मेलन के दौरान आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने नवाचारी मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीक, सुरक्षित सड़क निर्माण, ऑटोमेटिक ट्रैफिक लाइट सिस्टम, नेत्रहीनों के लिए स्मार्ट स्टीक, सोलर ऊर्जा आधारित समाधान और सुरक्षित भवनों के लिए उपयोगी उपकरण आकर्षण का केंद्र रहे। विज्ञान प्रतियोगिताओं के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता में 25 टीमों ने भाग लिया, पोस्टर प्रतियोगिता के लिए 170 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, विजुअल स्पार्क्स में 41 प्रविष्टियां आईं और मॉडल प्रदर्शनी में 24 टीमों ने अपने नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के संगठन मंत्री (उत्तर क्षेत्र) विजय नड्डा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने भीतर छिपे वैज्ञानिक को पहचानना और साथ ही देशभक्त नागरिक के रूप में स्वयं को विकसित करना चाहिए। भारत की धरती ने ऐसे अनेक महान वैज्ञानिकों को जन्म दिया है, जिन्होंने पूरे विश्व की मानवता के कल्याण के लिए कार्य किया। युवाओं से वैज्ञानिक प्रगति को पर्यावरण संरक्षण और समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने का आह्वान किया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। युवा विद्यार्थी अपनी जिज्ञासा, तार्किक सोच और रचनात्मकता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और वैश्विक मंच पर एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। संयुक्त सचिव डॉ. विनीता भांकर ने दो दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक प्रो. जीपी दुबे, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन प्रो. विनोद कुमार, वैज्ञानिक डॉ. विशाल गुलिया, डॉ. दीप्ति, डॉ. मोनिका, सह-संयोजक प्रो. सुमन मेहंदिया, आयोजन सचिव डॉ. संगीता सैनी सहित अन्य शिक्षक, वैज्ञानिक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत साइंस-इन-एक्शन कार्यक्रम से हुई। इसका संचालन साइंस पैनोरमा की ओर से सुरेश सोनी और उनकी टीम ने किया। आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के डॉ. प्रीतम सिंह ने ऊर्जा स्थिरता और हाइड्रोजन ऊर्जा के लिए नवाचार का मार्ग विषय पर तकनीकी व्याख्यान दिया। वहीं इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली की प्रो. अनुभा कौशिक ने टिकाऊ पर्यावरण प्रबंधन के लिए बायोलॉजी के अनुप्रयोग पर विचार रखे। प्रो. संजीव अरोड़ा ने ” आइए प्लास्टिक को रोकें : फिर से सोचें, कम करें, दोबारा इस्तेमाल करें और बदलें” विषय पर जागरूकता संदेश दिया।
कुरुक्षेत्र। सम्मेलन प्रतिभागियों को सम्मानित करते मुख्यातिथि संगठन मंत्री विजय नड्डा, कुलपति– फोटो : punch news

कुरुक्षेत्र। सम्मेलन प्रतिभागियों को सम्मानित करते मुख्यातिथि संगठन मंत्री विजय नड्डा, कुलपति– फोटो : punch news

कुरुक्षेत्र। सम्मेलन प्रतिभागियों को सम्मानित करते मुख्यातिथि संगठन मंत्री विजय नड्डा, कुलपति– फोटो : punch news
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Kurukshetra News: वैज्ञानिक सोच, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संग नवाचार पर दिया जोर


