पुलिस को सहयोग दें और लें, सीसीटीवी कैमरे लगाने पर करें फोकस : डीजीपी Latest Haryana News

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रोहतक। डीजीपी अजय सिंघल ने डीसी कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार दोपहर शहर के उद्यमियों, डॉक्टरों, वकीलों, व्यापारियों व खाप प्रतिनिधियों के साथ करीब 20 मिनट तक बैठक की। बोले-अपराध रोकने में पुलिस का सहयोग करें और अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस का सहयोग लें। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।

अजय सिंघल ने कहा कि फैक्टरी, अस्पताल, स्कूल, काॅलेज या अन्य संस्थान के अंदर के साथ-साथ बाहर गेट पर भी सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। बाहर लगे कैमरे का लिंक पुलिस कंट्रोल रूम में दें ताकि पुलिस लगातार नजर रख सके। क्योंकि, फुटेज मिलने के बाद अपराधी को पकड़ने में आसानी रहती है।

बैठक में हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा ने डीजीपी से कहा कि जगह-जगह समगोत्र में युवक व युवती विवाह कर लेते हैं। बाद में आपराधिक घटनाएं होती हैं। समगोत्र में विवाह को रोका जाए। डीजीपी ने कहा कि वे भी कानून के दायरे से बाहर नहीं जा सकते। उद्यमियों ने गश्त पर जोर देने का सुझाव दिया। डीजीपी ने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग से रोहतक पुलिस का फीडबैक लिया, ज्यादातर ने जताई संतुष्टि जाहिर की।

बैठक में पहुंचे ये प्रबुद्ध जन

सुपवा के कुलपति डाॅ. अमित आर्य, एमडीयू के रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत, एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन, जगमोहन मोटर्स के संचालक जगमोहन मित्तल, जिला बार के प्रधान एडवोकेट दीपक हुड्डा, होली हर्ट अस्पताल के निदेशक डॉ. आदित्य बतरा, मान अस्पताल के निदेशक डॉ. अमित मान, अपेक्स अस्पताल के निदेशक डॉ. पवन शर्मा, नेकीराम कॉलेज के प्राचार्य सुरेंद्र सांगवान, जाट कॉलेज से प्रो. शीशपाल राठी, नरूला लैब के डाॅ. अरुण नरुला, ऑॅक्सीजन अस्पताल के निदेशक डाॅ. आशीष गोयल, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान डॉ. सतीश कत्याल, वी केयर अस्पताल के निदेशक डाॅ. भूषण कथूरिया, चौधरी अस्पताल के निदेशक डाॅ. आरके चौधरी, नोबल अस्पताल के निदेशक डॉ. विनोद मलिक, डॉ. सतीश कत्याल, गौरव मेडिकोज के मालिक डॉ. कृष्णलाल, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चेयरमैन कृष्ण खटौड़, एशियन पेंट्स के एचआर हेड आदित्य सिन्हा, मारुति प्लांट के मैनेजर ऋषिपाल मलिक व अन्य भी मौजूद रहे।


10 साल में पहले डीजीपी…जो प्रबुद्ध जनों से सीधे मिले

डीजीपी अजय सिंघल 10 साल में पुलिस के पहले बड़े अधिकारी हैं जो रोहतक आकर सीधे प्रबुद्ध जनों से सीधे मिले हैं। उनसे पहले जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के बाद 27 मई 2016 को गृह सचिव रामनिवास के साथ तत्कालीन डीजीपी केपी सिंह ने लोगों के बीच आकर बैठक की थी। डीजीपी ने कहा कि रोहतक जिला ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि वीरों की भूमि भी है, इसलिए वह शुरुआत रोहतक से ही कर रहे हैं।

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