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चंडीगढ़ की ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। लंबित किराया या मकान की किस्तों पर लिए जा रहे 12 प्रतिशत ब्याज हटाने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने राहत देने के संकेत दिए हैं। यह मुद्दा आपकी आवाज पार्टी, चंडीगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को जनता दरबार के दौरान प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के सामने रखा। ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमपाल चौहान ने कहा कि शहर की ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों में रहने वाले ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। रोजगार और आमदनी सीमित होने के कारण वे समय पर मकान की किस्तें जमा नहीं कर पाते। ऐसे में प्रशासन बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज वसूलता है, जिससे लोगों पर बोझ और बढ़ जाता है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कई परिवारों के मकान सील होने की नौबत आ गई। इस पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश भी जारी किए। इस दौरान पहले से सील किए गए मकानों को बहाल करने की मांग भी रखी, जिस पर प्रशासक ने उचित समाधान का भरोसा दिलाया। मालिकाना हक देने की भी मांग पार्टी ने ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों के निवासियों को मकानों का मालिकाना हक दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। चौहान ने कहा कि वर्षों से लोग इन मकानों में रह रहे हैं, लेकिन आज भी वे असुरक्षा की स्थिति में हैं। प्रतिनिधि मंडल ने शहर की कॉलोनियों में तेजी से बढ़ रहे नशे का मामला भी उठाया। चौहान ने कहा कि कॉलोनियों में शराब के ठेकों की संख्या बढ़ रही है और युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। इससे न सिर्फ उनकी जिंदगी बर्बाद हो रही है, बल्कि चोरी, मारपीट, लूट और हत्या जैसे अपराध भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की, जिस पर प्रशासक ने विचार करने का आश्वासन दिया। ठेकेदारी प्रथा और रिश्वतखोरी का मुद्दा इस दौरान शहर में चल रही ठेकेदारी प्रथा से जुड़े शोषण का मुद्दा भी उठाया गया। चौहान ने आरोप लगाते बोला ठेकेदार बदलते ही कर्मचारियों से रिश्वत मांगी जाती है और मना करने पर नौकरी से निकालने का दबाव बनाया जाता है। हाल ही में एलआईसी के कई कर्मचारियों को इसी वजह से नौकरी से निकाला गया।इस पर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा जाए और ठेकेदारी सिस्टम में हो रही गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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चंडीगढ़ की EWS कॉलोनियों में रहने वालों को मिलेगी राहत: जनता दरबार में प्रशासक कटारिया ने दिए संकेत, हटाया जा सकता है 12% ब्याज – Chandigarh News


