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पंचकूला की पॉक्सो विशेष कोर्ट ने नाबालिग से रेप करने के मामले में युवक को बरी किया है। पीड़ित पक्ष युवती के नाबालिग होने के ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाया, जिसके चलते कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। पंचकूला के सेक्टर-20 थाना क्षेत्र के एक परिवार ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी भगा कर ले गया। उसके बाद जब पुलिस ने युवती को बरामद किया तो पता लगा कि युवती एक सप्ताह की प्रेग्नेंट हैं। पुलिस ने परिवार के बयान पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। जिसे अब सुबूत के अभाव में कोर्ट ने करनाल निवासी संदीप को बरी कर दिया। उम्र पता करने के लिए नहीं हुई मेडिकल जांच बचाव पक्ष के वकील अमित मोर ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि युवती की उम्र को साबित करने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट जैसा कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया। मेडिकल जांच भी पुलिस के द्वारा युवती की नहीं करवाई गई, जिससे उसकी उम्र का सही पता लग सके। ऐसे में उसे नाबालिग माना जाना सही नहीं है। पीड़िता ने रेप को नकारते हुए सहमति से बने संबंध बताने का बयान दर्ज करवाया था। वहीं युवती परिवार की बजाए नारी निकेतन चली गई थी। युवती के गर्भवती होने की जांच के लिए भी अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया गया था।
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पंचकूला कोर्ट से रेप केस में करनाल का युवक बरी:: नाबालिग होने और गर्भवती होने के प्रमाण नहीं मिले, 5 साल बाद आया फैसला – Panchkula News


