आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विधायक की याचिका खारिज कर दी गई है। पठानमाजरा ने भगोड़ा करार दिए जाने के आदेशों को रद्द करने और उन पर किसी भी किस्म की कार्रवाई न किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में पठानमाजरा के खिलाफ एक सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। जमानत याचिका ट्रायल कोर्ट से खारिज हो चुकी थी, बावजूद इसके वो अदालत में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ भगोड़ा करार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई और 20 दिसंबर को उन्हें मामले में भगोड़ा करार दे दिया गया।
भगोड़ा करार दिए जाने के आदेश को पठानमाजरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि तय कानून के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पुलिस को गिरफ्तारी वारंट लेने की जरूरत नहीं होती और कानून के तहत जब तक जांच पूरी कर चालान नहीं पेश किया जाता तब तक किसी आरोपी को भगोड़ा करार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती है। लेकिन उनके मामले में न तो अभी तक जांच ही पूरी की गई और न ही चालान पेश किया गया, ऐसे में उन्हें भगोड़ा करार भी दे दिया गया जोकि पूरी तरह से गलत है, लिहाजा इसे रद्द किए जाने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने आज इस याचिका को खारिज कर दिया है।