बर्फ गिरेगी या बस डराएगा ऐप? जानिए कैसे पहचानें जब आपका Weather App दे रहा है गलत अलर्ट Today Tech News

[ad_1]

Weather App: आजकल स्मार्टफोन के वेदर ऐप्स रंग-बिरंगे आइकॉन और बड़े-बड़े आंकड़ों के साथ मौसम की जानकारी दिखाते हैं. हल्के मौसम में ये ऐप्स काम के हो सकते हैं लेकिन जब सर्दियों में हालात जटिल और खतरनाक हो जाएं जैसे भारी बर्फबारी, फिसलन भरी बर्फ और शून्य से नीचे तापमान तो सिर्फ ऐप पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समय में इंसानी अनुभव और स्थानीय जानकारी ज्यादा भरोसेमंद होती है.

भयंकर सर्दी के तूफानों में ऐप क्यों चूक जाते हैं

कई राज्यों में फैले सर्दी के तूफान यह साफ दिखाते हैं कि कुछ ही मील की दूरी पर मौसम पूरी तरह बदल सकता है. कहीं बर्फ गिरती है, कहीं ओले पड़ते हैं और कहीं खतरनाक फ्रीजिंग रेन हो जाती है. ऐसे हालात में मौसम का डेटा बहुत तेजी से बदलता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐप्स इन बारीकियों को समझ नहीं पाते.

क्यों जरूरी हैं इंसानी मौसम विशेषज्ञ

स्थानीय टीवी, रेडियो, लाइव स्ट्रीम या डिटेल्ड वेबसाइट्स पर मौजूद मौसम वैज्ञानिक डेटा को देखकर उसका मतलब समझाते हैं. वे सिर्फ आंकड़े नहीं बताते, बल्कि यह भी बताते हैं कि आपके इलाके में असल असर क्या होगा. विशेषज्ञों के अनुसार, खासकर एक्सट्रीम मौसम में यह जानना जरूरी है कि कोई इंसान डेटा को पढ़कर स्थानीय स्तर पर उसका विश्लेषण कर रहा है.

कई वेदर ऐप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या बड़े ग्रिड डेटा से आपके शहर का अनुमान लगाते हैं जिससे गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है.

क्या सभी वेदर ऐप बेकार हैं?

ऐसा नहीं है कि हर वेदर ऐप बेकार हो. कुछ ऐप्स ऐसे हैं जो नेशनल वेदर सर्विस के डेटा को अनुभवी मौसम वैज्ञानिकों की निगरानी में दिखाते हैं. ऐसे ऐप्स ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं.

उदाहरण के तौर पर, कुछ लोकप्रिय ऐप्स कई अलग-अलग मौसम मॉडल, आधिकारिक डेटा और ग्राउंड ऑब्जर्वेशन का इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सभी वेदर ऐप एक जैसे नहीं होते कुछ सच में बेहतर काम करते हैं.

वेदर ऐप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं

ज्यादातर ऐप्स अपनी जानकारी नेशनल वेदर सर्विस और अन्य बड़े मौसम मॉडलों से लेते हैं. कई बार ये ऐप्स अनिश्चितता को जरूरत से ज्यादा सरल बनाकर बहुत सटीक दिखने वाले नंबर पेश कर देते हैं जिससे लोगों को गलत भरोसा हो जाता है.

ऐसे जटिल तूफानों में ऐप्स सबसे ज्यादा कमजोर साबित होते हैं क्योंकि वे मौसम की बारीक परतों को नहीं समझ पाते. साफ मौसम या सामान्य गर्मियों के दिनों के लिए ऐप्स ठीक हैं लेकिन गंभीर सर्दी के हालात में नहीं.

यह भी पढ़ें:

अब उम्र छुपाना पड़ेगा भारी! ChatGPT खुद पहचान लेगा आप नाबालिग हैं या नहीं, आ गया चौंकाने वाला नया फीचर

[ad_2]
बर्फ गिरेगी या बस डराएगा ऐप? जानिए कैसे पहचानें जब आपका Weather App दे रहा है गलत अलर्ट