जरूरत की खबर- सूखी खांसी को इग्नोर न करें: हो सकता है किसी बीमारी का संकेत, डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षण, 6 होम रेमिडीज Health Updates

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17 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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कई बार सूखी खांसी (बिना बलगम वाली खांसी) की समस्या होती है। सर्दी, जुखाम, कफ नहीं होता, सिर्फ खांसी आती है। गले में लगातार खराश होना, दर्द होना या खांसी के कारण रात में बार-बार नींद टूटना, ये सब ड्राय कफ या सूखी खांसी के लक्षण हैं।

अक्सर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर सूखी खांसी लंबे समय तक बनी रहे तो ये किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है। हालांकि समय पर इलाज और सही देखभाल से इसे ठीक किया जा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम इसके बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • सूखी खांसी क्यों होती है?
  • इसके क्या लक्षण हैं?
  • किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- सूखी खांसी क्या है?

जवाब- ये ऐसी खांसी है, जिसमें बलगम नहीं बनता है। इसमें गले या रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में जलन, खुजली या चुभन महसूस होती है। इसके कारण बार-बार खांसने की इच्छा होती है।

यह आमतौर पर एलर्जी, पोस्ट वायरल इन्फेक्शन, अस्थमा, एसिड रिफ्लक्स, प्रदूषण या हवा में ड्राइनेस के कारण होती है। सूखी खांसी अक्सर रात में या लेटने पर बढ़ जाती है। साथ ही हंसने-बोलने और ठंडी हवा के संपर्क में आने पर भी ये तेज हो जाती है।

सवाल- सूखी खांसी क्यों होती है?

जवाब- सूखी खांसी तब होती है, जब गले या सांस की नली में जलन, ड्राईनेस या सूजन आ जाती है। यह शरीर के भीतर होने वाला एक रिफ्लेक्स प्रोसेस है, जिससे शरीर गले के इरिटेशन को साफ करने की कोशिश करता है। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- सूखी खांसी के लक्षण क्या हैं?

जवाब- सूखी खांसी में गले में लगातार जलन बनी रहती है। इसके लक्षण धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं, जो डेली लाइफ को प्रभावित करते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- रात में सूखी खांसी क्यों बढ़ जाती है?

जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर की पोजिशन होती है। जब हम लेटते हैं, तो गले और सांस की नली में जमा इरिटेशन साफ नहीं हो पाता, जिससे खांसी का रिफ्लेक्स ज्यादा एक्टिव हो जाता है।

इसके अलावा रात में एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी बढ़ जाती है। पेट का एसिड ऊपर की तरफ आकर गले को इरिटेट करता है, जिससे खांसी तेज हो जाती है।

रात की हवा आमतौर पर ठंडी और ड्राई होती है, जो गले को और सुखा देती है। साथ ही सोते समय लार कम बनती है, जिससे गला और ड्राई हो जाता है। इन्हीं वजहों से रात में सूखी खांसी ज्यादा परेशान करती है।

सवाल- सूखी खांसी का पता लगाने के लिए क्या डॉक्टर कोई मेडिकल टेस्ट भी करते हैं?

जवाब- हां, अगर सूखी खांसी लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार हो तो डॉक्टर उसके कारण को समझने के लिए कुछ मेडिकल टेस्ट करवाते हैं।

  • ब्लड टेस्ट: इन्फेक्शन या एलर्जी का पता लगाने के लिए।
  • चेस्ट एक्स-रे: फेफड़ों में इन्फेक्शन, सूजन या कोई अन्य समस्या का पता लगाने के लिए।
  • स्पाइरोमेट्री टेस्ट: अस्थमा या सांस से जुड़ी किसी अन्य बीमारी का पता लगाने के लिए।
  • एलर्जी टेस्ट: एलर्जी का पता लगाने के लिए।
  • एंडोस्कोपी या PH टेस्ट: एसिड रिफ्लक्स की स्थिति जांचने के लिए।

इन टेस्ट से डॉक्टर सही कारण का पता लगाते हैं, फिर इसके आधार पर इलाज करते हैं।

सवाल- सूखी खांसी का इलाज क्या है?

जवाब- सूखी खांसी का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि खांसी एलर्जी से है, इन्फेक्शन से, एसिड रिफ्लक्स से या किसी और वजह से।

  • अगर कारण एलर्जी या प्रदूषण है तो एंटी-एलर्जिक दवाइयां दी जाती हैं। साथ ही ट्रिगर से बचाव किया जाता है।
  • अगर वायरल इन्फेक्शन होने के बाद सूखी खांसी बनी हुई है तो गले की जलन कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं।
  • अगर कारण एसिड रिफ्लक्स है तो एसिड कम करने की दवाइयां दी जाती हैं। साथ ही खानपान में बदलाव जरूरी होता है।
  • अस्थमा या सांस की बीमारी में इनहेलर या खास दवाएं दी जाती हैं।

सवाल- क्या सूखी खांसी अपने आप ठीक हो सकती है?

जवाब- हां, कुछ मामलों में सूखी खांसी अपने आप ठीक हो सकती है। खासकर जब इसका कारण वायरल संक्रमण, मौसम में बदलाव या हल्की एलर्जी हो। ऐसे मामलों में गले की जलन कम होते ही खांसी धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।

सवाल- क्या सूखी खांसी में घरेलू उपाय भी कारगर हो सकते हैं?

जवाब- हां, हल्की और शुरुआती सूखी खांसी में घरेलू उपाय काफी हद तक राहत दे सकते हैं। ये गले की जलन कम करते हैं और सूखापन दूर करते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- किन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- कुछ स्थितियों में सूखी खांसी को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • जब खांसी 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहे।
  • जब सांस लेने में परेशानी महसूस हो।
  • जब सीने में दर्द महसूस हो।
  • जब लगातार तेज बुखार हो।
  • जब खांसते समय खून आए।
  • जब लगातार घरघराहट की आवाज आए।
  • जब बिना वजह अचानक वजन कम होने लगे।
  • जब बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस हो।

ये लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि खांसी किसी दूसरी हेल्थ कंडीशन से जुड़ी है। इसलिए समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है।

सवाल- अगर सूखी खांसी का इलाज न कराया जाए तो क्या समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- लंबे समय तक खांसी होती रहे तो गले की नसें और ज्यादा सेंसिटिव हो जाती हैं, जिससे खांसी और बढ़ सकती है। इससे नींद पूरी नहीं होती, शरीर में थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। लंबे समय तक खांसी रहने पर सीने और पेट की मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।

अगर खांसी किसी अंदरूनी बीमारी (जैसे अस्थमा, टीबी, एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स या फेफड़ों की समस्या) की वजह से है और उसका इलाज न किया जाए तो वह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

सूखी खांसी सिर्फ एक लक्षण है। इसे नजरअंदाज करने से असली बीमारी छिपी रह जाती है, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती है।

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