Jind News: बजट में महिला, युवाओं को विशेष रोजगार, उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए haryanacircle.com

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जींद। सरकार के बजट को लेकर महिलाओं की उम्मीदें इस बार बढ़ गई हैं। महिलाओं का मानना है कि यदि बजट में रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया, तो यह समाज और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकता है।

नौकरी के अधिक अवसर, स्वरोजगार के लिए आसान लोन प्रक्रिया, महिला स्टार्टअप को प्रोत्साहन, खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण और गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के लिए विशेष वित्तीय सुरक्षा जैसी मांगें बजट से जुड़ी प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल हैं। आज भी बड़ी संख्या में शिक्षित युवतियां रोजगार के लिए भटक रही हैं।

बजट में महिला युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाएं, स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्वरोजगार अपनाने वाली महिलाओं के लिए बिना गारंटी आसान ऋण और लोन पर अनुदान की व्यवस्था जरूरी है, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें। महंगाई का सबसे ज्यादा असर रसोई पर पड़ता है। खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम महिलाओं की चिंता बढ़ा रहे हैं। बजट में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और सब्सिडी की व्यवस्था से आम महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकती है।

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रोजगार के अवसर कम होने और बढ़ती महंगाई ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है। आटा, दाल, सब्जी सब महंगे हो गए हैं। सरकार को बजट में खाद्य पदार्थों के दामों पर सख्त नियंत्रण करना चाहिए ताकि आम परिवारों को राहत मिले। इसके अलावा महिलाओं को रोजगार के अवसर भी सरकार को बजट में उपलब्ध करवाने चाहिए।-मीना सैनी


आज हालात यह हो गए हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी महिलाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है। बजट में महिला युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाएं और निजी क्षेत्र में आरक्षण जैसी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने का अवसर मिले। इसके लिए सरकार को स्थाई प्रबंध करने चाहिए।-डॉ. शैली गुप्ता

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आज प्रत्येक महिला को नौकरी या स्वरोजगार की तलाश है लेकिन लोन प्रक्रिया बहुत जटिल है। अगर बजट में आसान और बिना गारंटी लोन की व्यवस्था हो, तो हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। बजट में महिलाओं के स्वरोजगार के लिए मिलने वाले लोन पर अनुदान की सुविधा और लोन प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए। -डॉ. नेहा शर्मा

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महिला स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए लोन पर अनुदान और टैक्स में छूट जरूरी है। इससे महिलाएं बड़े स्तर पर रोजगार भी दे सकेंगी। आज हर घर में शिक्षित महिलाएं हैं। उनको रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे। इसके कारण बेरोजगारी बढ़ रही है।-बबीता ढांडा।

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गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं के लिए अलग से रोजगार की गारंटी और आर्थिक सुरक्षा होनी चाहिए ताकि मुश्किल समय में परिवार चलाया जा सके। आज के समय में हर महिला शिक्षित तो है लेकिन उनके पास काम नहीं है। महिलाओं के उत्थान के लिए बजट में प्रावधान करने की जरूरत है। -किरण देवी।

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महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। बजट में महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, क्रेच सुविधा और काम के नए अवसर दिए जाने चाहिए। यदि बजट में इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया गया तो न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। -अन्नु देवी।

25जेएनडी30: मीना सैनी।– फोटो : reasi news

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