[ad_1]
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तानी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेशन यानी संचालन की डील को खत्म कर दिया है। पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक अबू धाबी ने यह फैसला किया है कि वह अब इस्लामाबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नहीं चलाएगा। इसे UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की अचानक हुई यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। नाहयान 19 जनवरी को सिर्फ 2 घंटे के लिए भारत आए थे। उनके भारत दौरे का ऐलान 1 दिन पहले 18 जनवरी को हुआ था। पाकिस्तान बोला- UAE से कभी कोई डील नहीं हुई पाकिस्तान ने शनिवार को साफ किया कि UAE के साथ इस्लामाबाद एयरपोर्ट को लीज पर देने या चलाने को लेकर कभी कोई डील नहीं हुई। सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रामक बताया, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने UAE के साथ प्रस्तावित समझौता रद्द कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा कि राजधानी का इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्राइवेट करने की तैयारी है। सरकार के मुताबिक, नवंबर 2025 में यह फैसला लिया गया था कि एयरपोर्ट्स को सरकार-से-सरकार मॉडल के बजाय ओपन और प्रतिस्पर्धी बिडिंग के जरिए निजी हाथों में दिया जाएगा। इसकी वजह निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी बताई गई। प्राइवेटाइजेशन में शामिल इस्लामाबाद एयरपोर्ट सरकार ने बताया कि इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अब लॉन्ग-टर्म कंसेंशन मॉडल के तहत एक्टिव प्राइवेटाइजेशन प्रोग्राम में शामिल कर लिया गया है। इसे कराची और लाहौर एयरपोर्ट्स की तर्ज पर ही प्राइवेट किया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार ने कहा कि ओपन बिडिंग प्रक्रिया में घरेलू और विदेशी सभी निवेशकों को बराबरी का मौका मिलेगा। इसमें UAE जैसे साझेदार देशों के निवेशक भी शामिल हो सकते हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद एविएशन सेक्टर का आधुनिकीकरण करना और निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
[ad_2]
UAE ने पाकिस्तान से इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन डील तोड़ी: राष्ट्रपति नाहयान के भारत दौरे के बाद फैसला, सिर्फ 2 घंटे के लिए नई दिल्ली आए थे




