[ad_1]
वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
अमेरिका के मिनियापोलिस में गुरुवार को एक 2 साल की बच्ची को उसके पिता के साथ इमिग्रेशन एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में ले लिया। यह जानकारी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने दी है।
एल्विस जोएल टिपान-एचेवेरिया और उनकी 2 साल की बेटी क्लोए रेनाटा टिपान विलासिस को उस समय रोका गया, जब वे किराने का सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसके बाद दोनों को साउथ मिनियापोलिस ले जाया गया।
मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के मेंबर जेसन चावेज ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि एक संदिग्ध गाड़ी ने पिता की कार का पीछा किया, उनकी कार का शीशा तोड़ा गया और पिता-बच्ची को उठा लिया गया। इस दौरान कोई वारंट नहीं दिखाया गया।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा था कि बच्ची को तुरंत रिहा किया जाए, लेकिन इसके बाद भी पिता और बच्ची दोनों को टेक्सास भेज दिया गया। परिवार की वकील किरा केली ने शुक्रवार को बताया कि बच्ची अब हिरासत से बाहर है और इस घटना से उबर रही है।
बच्ची के पिता पर गलत तरीके से गाड़ी चलाने का आरोप
होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) ने कहा कि पिता बच्ची के साथ गलत तरीके से गाड़ी चला रहे थे। विभाग के मुताबिक, टिपान-एचेवेरिया इक्वाडोर के नागरिक हैं, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं और उन्होंने कानून तोड़ा है।
विभाग ने कहा कि बच्ची की देखभाल की गई क्योंकि मां ने उसे अपने साथ लेने से इनकार कर दिया था। बाद में पिता और बच्ची को एक फेडरल सेंटर में दोबारा मिलाया गया।
बच्ची की मां ने उसे लेने से इनकार कर दिया था
DHS ने कहा कि टिपान-एचेवेरिया ने कार का दरवाजा खोलने या शीशा नीचे करने से मना कर दिया था, जबकि उन्हें कानूनी आदेश दिए गए थे। विभाग के मुताबिक, एजेंट्स ने बच्ची को मां को सौंपने की कोशिश की, लेकिन मां ने उसे लेने से मना कर दिया।
इस दौरान करीब 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई और ICE एजेंटों को जाने से रोक दिया। भीड़ ने एजेंटों और बच्ची की ओर पत्थर और कूड़ेदान फेंके, जिसके बाद हालात काबू में किए गए।
क्लोए हाल के हफ्तों में ICE द्वारा हिरासत में ली गई पांचवीं बच्ची है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।
ऑपरेशन मेट्रो सर्ज के तहत कार्रवाई की गई
यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ के तहत की जा रही है। यह एक बड़ा इमिग्रेशन ऑपरेशन है, जिसे ICE और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन मिलकर चला रहे हैं। यह ऑपरेशन दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था।
यह ऑपरेशन मुख्य रूप से मिनेसोटा, खासकर मिनियापोलिस-सेंट पॉल इलाके में चलाया जा रहा है। जनवरी 2026 तक इसमें करीब 3,000 एजेंट शामिल थे। इस ऑपरेशन पर हर हफ्ते करीब 18 मिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं।
मंगलवार को एक 5 साल के बच्चे को हिरासत में लिया गया
इससे पहले अमेरिका के मिनेसोटा स्टेट के कोलंबिया हाइट्स में मंगलवार को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंट्स ने एक 5 साल के बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को पिता के साथ हिरासत में लिया। BBC के मुताबिक दोनों को टेक्सास के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
लियाम की स्कूल सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने बताया, ‘एजेंट्स ने चलती गाड़ी से बच्चे को उतारा। फिर उन्होंने उसे घर का दरवाजा खटखटाने को कहा, ताकि पता चले कि अंदर कोई है या नहीं।’ जेना ने इसे 5 साल के बच्चे का इस्तेमाल करना बताया।
गिरफ्तारी के डर से पिता ने मां को दरवाजा खोलने से मना किया। हालांकि कुछ देर बाद माता-पिता ने अपने बच्चे को घर के अंदर लाने की मंशा से दरवाजा खोला, तभी बाहर मौजूद एजेंट्स ने पिता को गिरफ्तार किया। वहीं बच्चे को घर में मौजूद दूसरे लोगों को सौंपने से इनकार कर उसे भी अपने साथ ले गए। पढ़ें पूरी खबर…

अमेरिका के मिनेसोटा में अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 5 साल के लियाम को डिटेन किया था।
6 हफ्तों में मिनेसोटा में 3,000 गिरफ्तारियां हुईं, इनमें 400 बच्चे
लियाम अपने स्कूल जिले का चौथा छात्र है, जिसे ICE ने हिरासत में लिया है। स्कूल प्रशासन और परिवार के वकील के अनुसार, यह परिवार साल 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आया था। परिवार पर शरण से जुड़ा मामला चल रहा है, लेकिन उन्हें अमेरिका छोड़ने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।
चिल्ड्रेंस राइट्स संगठन की लीशिया वेल्च ने हाल ही में एक डिटेंशन सेंटर का दौरा किया। उनका कहना है कि वहां बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बच्चे 100 दिनों से भी ज्यादा समय से हिरासत में हैं।
अमेरिकी सरकार ने दिसंबर में खुद माना था कि करीब 400 बच्चों को डिटेंशन में रखा गया है। इनमें से ज्यादातर बच्चे बीमार हैं, कुपोषण का शिकार हैं और गंभीर शारीरिक व मानसिक परेशानी झेल रहे हैं।
इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) क्या है?
ICE अमेरिका की एक फेडरल एजेंसी है। यह देश में अवैध इमिग्रेशन की रोकथाम, डिपोर्टेशन (देश से बाहर भेजना) और क्रॉस बॉर्डर क्राइम्स पर कार्रवाई करती है। यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के तहत काम करती है।
ICE की स्थापना साल 2003 में हुई थी। 9/11 आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) बनाया और उसी के तहत ICE को गठित किया गया। इसका मकसद देश के भीतर सुरक्षा से जुड़े इमिग्रेशन अपराधों पर सख्त निगरानी था।
कैसे काम करता है ICE
बिना वैध वीजा/दस्तावेज के रह रहे लोगों की पहचान।
इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने वालों की गिरफ्तारी।
डिटेंशन सेंटर में रखना और बाद में डिपोर्टेशन।
ICE का काम कोर्ट या प्रशासनिक आदेश के बाद व्यक्ति को उसके देश वापस भेजना होता है। अमेरिका के कुछ शहरों और राज्यों ने खुद को सैंक्चुरी सिटी घोषित किया है।
यहां ICE को लोकल प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होता है। इसका मकसद प्रवासी समुदाय में डर कम करना और जनता में स्थानीय पुलिस का भरोसा बनाए रखना है।

[ad_2]
अमेरिका में 2 साल की बच्ची को हिरासत में लिया: कार में थी, अफसरों ने गाड़ी रोकी, शीशा तोड़ा और पिता के साथ उठा लिया


