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प्रदेश में वीरवार रात सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को बारिश की संभावना है। साथ ही कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक शुक्रवार अलसुबह से ही विक्षोभ का असर दिखने लगेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके असर से दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से शुक्रवार अलसुबह से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इसकी शुरुआत पश्चिमी जिलों से होगी। इसके बाद, दक्षिणी, मध्यवर्ती, उत्तरी व पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां होंगी।
इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम श्रेणी की बारिश होगी। हालांकि उत्तरी व पूर्वी जिलों पर इसका ज्यादा असर रहेगा। यहां 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। 24 जनवरी को यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा। इसके बाद 26 जनवरी तक सुबह के समय सघन से अति सघन कोहरा, शीत दिवस व शीत लहर की स्थिति देखने को मिलेगी। 26 जनवरी को एक नया विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार फिर से मौसम में बदलाव आएगा।
दिनभर छाए हल्के बादल
उधर, विक्षोभ के असर से गुरुवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे। साथ ही 10 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नमी वाली हवाएं चलती रही। इस दौरान रोहतक में अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री दर्ज किया गया जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं, सोनीपत में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री रहा जो कि प्रदेश में सबसे कम रहा।
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हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, बढ़ सकती है ठंड



