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चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर के लिए वीरवार शाम पांच बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इससे पहले भाजपा व आम आदमी पार्टी–कांग्रेस गठबंधन को अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करने होंगे। 29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव को लेकर दोनों खेमों में देर रात तक मंथन का दौर चलता रहा।
भाजपा प्रत्याशियों के चयन से पहले बुधवार देर शाम पार्टी कार्यालय में मेयर चुनाव के लिए नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक एवं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव, सार्वजनिक छवि और चुनावी संभावनाओं जैसे अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा की ओर से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए पार्षद सौरभ जोशी, महेशइंद्र सिंह सिद्धू, कंवरजीत सिंह राणा और दिलीप शर्मा के नामों पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार मेयर पद के लिए पूर्व मेयर अनूप गुप्ता और मौजूदा मेयर हरप्रीत कौर बबला के नाम भी चर्चा में रहे।
विनोद तावड़े ने संभावित दावेदारों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी कार्यशैली, जनसंपर्क और नेतृत्व क्षमता का आकलन किया। इसके बाद उन्होंने देर रात अपनी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी हाईकमान के समक्ष रख दी। सूत्रों की मानें तो वीरवार सुबह पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में अंतिम नामों पर मुहर लगेगी। खास बात यह है कि नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला चंडीगढ़ मेयर चुनाव है जिसे भाजपा प्रतिष्ठा के सवाल के रूप में देख रही है।
गठबंधन में उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी
दूसरी ओर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन में भी उम्मीदवारों को लेकर जबरदस्त मंथन जारी है। गठबंधन की ओर से पार्षद सचिन गालव, दर्शना रानी, हरदीप सिंह, योगेश ढींगरा, रामचंद्र यादव और दमनप्रीत सिंह के नामों पर चर्चा चल रही है। गठबंधन की कोशिश ऐसे चेहरे को आगे लाने की है जो भाजपा को कड़ी टक्कर दे सके और सदन में पर्याप्त समर्थन जुटा सके। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार सदन में संख्या बल का समीकरण बेहद नजदीकी है। ऐसे में छोटे फैसले, पार्षदों की व्यक्तिगत पसंद-नापसंद और दलों की अंदरूनी राजनीति मेयर चुनाव के परिणाम को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है।
पुलिस सुरक्षा में आप पार्षद पंजाब रवाना
मेयर चुनाव 29 जनवरी को होना है। आप और कांग्रेस गठबंधन और भाजपा दोनों बराबर संख्या के साथ हैं। जीतने के लिए 19 पार्षदों का मत चाहिए। इस बार चुनाव गुप्त मतदान के जरिये नहीं होना है। ऐसे में अपने अपने पार्षदों को बचाने में पार्टियां लगी हैं। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने बुधवार देर शाम पंजाब का रुख कर लिया। ऐसा इसलिए किया कि कहीं एक दो और पार्षद टूट न जाएं। दोनों ओर से बराबर की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पार्षद रामचंद्र देर रात तक गढ़शंकर नहीं पहुंचे, जिससे शहर में उनकी नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गईं। इससे पहले भी उनके असंतोष की बातें सामने आती रही हैं। इस पर रामचंद्र ने सफाई देते हुए कहा कि जरूरी काम के कारण उन्हें रुकना पड़ा है और वे बाद में गढ़शंकर पहुंच जाएंगे।
जानकारी के अनुसार आप के पार्षदों को अलग अलग वाहनों से पंजाब के रोपड़ के किक्कर ताल ले जाया गया है। सभी पार्षद पुलिस सुरक्षा में गए हैं।
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव के नामांकन आज: आप ने पार्षद पंजाब भेजे, तावड़े ने भाजपा हाईकमान के समक्ष रखे तीन नाम



