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सर्दियों की विदाई का वक्त आ गया है। सुबह-शाम की हल्की ठंड के साथ दिन में तेज धूप निकल रही है। लोग स्वेटर, शॉल और जैकेट वापस सुरक्षित तरीके से रखने की तैयारी कर रहे हैं। ऊनी कपड़े रखने में जरा-सी लापरवाही बदबू, फंगस या कीड़ों की समस्या खड़ी कर सकती है। इसलिए सर्दियों के सभी कपड़ों को पैक करने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है, ताकि अगली सर्दी में वे सुरक्षित, साफ और पहनने लायक बने रहें। इसलिए जरूरत की खबर में आज जानेंगे कि सर्दियों के कपड़े स्टोर करने का सही तरीका क्या है। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- सर्दियों के कपड़े स्टोर करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- सबसे जरूरी बात ये है कि वुलेन कपड़े पूरी तरह साफ-सुथरे और सूखे हों। नमी रहने पर फंगस और बदबू पैदा हो सकती है। कपड़ों को सीधे धूप में सुखाने की बजाय हल्की हवा में सुखाना बेहतर रहता है। इनके स्टोरेज की जगह ठंडी, सूखी और हवादार होनी चाहिए। कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए नीम की पत्तियां या कपूर रखें। कुछ महीनों के अंतराल पर कपड़ों को चेक करना भी जरूरी है। सवाल- वुलेन कपड़ों को प्लास्टिक बैग, कपड़े के बैग या कॉटन बॉक्स, किसमें स्टोर करना सबसे सही है? जवाब- वुलेन कपड़ों के लिए सबसे सही विकल्प कॉटन बैग या कपड़े का बॉक्स होता है। इनमें हवा पास होती रहती है, जिससे कपड़ों में नमी नहीं होती है। प्लास्टिक बैग एयरटाइट होते हैं। अगर इसे बंद करते समय थोड़ी भी नमी रह गई तो फंगस का खतरा बढ़ जाता है। अगर प्लास्टिक का इस्तेमाल करना जरूरी हो, तो उसमें छोटे–छोटे वेंटिलेशन होल कर दें, जिससे हवा पास होती रहे। सवाल- ऊनी कपड़ों को पैक करने से पहले धोना क्यों जरूरी है? जवाब- ऊनी कपड़ों को पैक करने से पहले धोना इसलिए जरूरी है क्योंकि उनमें पसीना, स्किन ऑयल और खाने के सूक्ष्म कण रह जाते हैं। ये कपड़ों पर कीड़ों को आकर्षित करते हैं। वैसे भी कीड़े गंदगी में ज्यादा पनपते हैं, साफ कपड़ों में नहीं पनपते हैं। बिना धोए कपड़े रखने पर इनमें दाग पड़ सकते हैं और बदबू भी आ सकती है। साफ और सूखे कपड़े लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और अगली सर्दी में सीधे पहनने लायक होते हैं। सवाल- पैकिंग से पहले वुलेन शॉल-स्वेटर को कैसे सुखाएं कि नमी बिल्कुल न रहे? जवाब- वुलेन शॉल और स्वेटर धोने के बाद उन्हें निचोड़ने के बजाय हल्के से दबाकर अतिरिक्त पानी निकालें। फिर उन्हें किसी कपड़े पर फैलाकर समतल सतह पर सुखाएं। सीधे तेज धूप में रखने से ऊन के फाइबर सख्त हो सकते हैं। इसलिए इन्हें सुखाने के लिए छायादार और हवादार जगह बेहतर होती है। ऊन नमी को अंदर तक सोख लेता है। इसलिए पैक करने से पहले इन्हें कम-से-कम 24 घंटे पूरी तरह सूखने दें। सवाल- क्या सीलन से बचाने के लिए पैकिंग के साथ नेफ्थलीन की गोलियां डालना जरूरी है? जवाब- सीलन से बचाने के लिए नेफ्थलीन की गोलियां डालना जरूरी नहीं है। नेफ्थलीन कीड़े दूर रखने में मदद करता है, लेकिन यह नमी को नहीं सोखता है। नेफ्थलीन से निकलने वाली गैस कुछ लोगों के लिए सिरदर्द, एलर्जी की वजह बन सकती है। इसके कारण सांस से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। अगर कपड़े अच्छी तरह सूखे हों और एयर-पास होने वाले बैग में रखे जाएं, तो सीलन का खतरा कम हो जाता है। नमी से बचाव के लिए साथ में कुछ सूखे कपड़े रखना अच्छा विकल्प है। सवाल- अगर नेफ्थलीन से एलर्जी हो तो उसका कोई देसी, घरेलू विकल्प भी यूज किया जा सकता है? जवाब- हां, नेफ्थलीन के कुछ सुरक्षित घरेलू विकल्प भी हैं, जैसेकि कपूर और नीम। कपूर की खुशबू कीड़े-मकोड़ों को दूर रखती है। यह एंटी-फंगल की तरह भी काम करता है। नीम की सूखी पत्तियां या नीम का पाउडर कपड़े के छोटे पाउच में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है। नीम में मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड कीड़े नहीं पनपने देते हैं। इससे कोई केमिकल गैस भी नहीं निकलती है। सवाल- ऊनी कपड़े मोड़कर स्टोर करना सही है या हैंगर में टांगना सही है? जवाब- ऊनी कपड़ों को मोड़कर स्टोर करना ज्यादा सही माना जाता है। ऊन के फाइबर नरम और भारी होते हैं। इसलिए हैंगर में टांगने पर कपड़ा अपने वजन से खिंच सकता है और कंधों का शेप बिगड़ सकता है। ऊन में इलास्टिसिटी कम होती है, इसलिए लंबे समय तक टांगने से वह ढीला पड़ सकता है। स्वेटर, शॉल और कार्डिगन को साफ, सूखी जगह पर हल्के से मोड़कर रखना बेहतर है। केवल हल्की ऊनी जैकेट को चौड़े, पैडेड हैंगर पर टांगा जा सकता है। सवाल- ऊनी कपड़ों को नमी और फंगस से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- ऊनी कपड़ों को नमी और फंगस से बचाने के लिए उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही स्टोर करना जरूरी है। स्टोरेज की जगह हवादार और सूखी होनी चाहिए। एयरटाइट प्लास्टिक बैग में पैक करने से बचें, क्योंकि इनमें अगर पैक करते समय नमी रह गई तो फंसी रह जाएगी। ऊन नमी को जल्दी सोख लेता है, जिससे फंगस का खतरा हो सकता है। साथ में नमी सोखने के लिए सूखा अखबार या कॉटन पाउच रख सकते हैं। सवाल- ऊनी कपड़ों के साथ कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जवाब- ऊनी कपड़ों के साथ गीले या आधे सूखे कपड़े कभी नहीं रखने चाहिए, क्योंकि इससे नमी बढ़ती है। परफ्यूम, डियोड्रेंट या किसी भी केमिकल स्प्रे को सीधे कपड़ों के पास रखना नुकसानदायक हो सकता है। इन केमिकल्स की गैस ऊन के फाइबर को कमजोर कर सकती है। खाने की चीजें या उनके टुकड़े भी नहीं रखने चाहिए, क्योंकि ये कीड़ों को आकर्षित करते हैं। तेज स्मेल वाले साबुन या डिटर्जेंट भी ऊनी कपड़ों के रंग और क्राफ्ट को खराब कर सकते हैं। सवाल- ऊनी कपड़े स्टोर करते समय लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं? जवाब- ऊनी कपड़े स्टोर करते समय सबसे कॉमन गलती उन्हें बिना धोए या अधसूखी हालत में पैक करना है। कपड़ों में पसीना और बॉडी ऑयल रह जाने से कीड़े और फंगस जल्दी लगते हैं। ग्राफिक में देखिए, क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए- सवाल- अगर स्टोरेज के दौरान कपड़ों में बदबू या फंगस लग जाए तो क्या करें? जवाब- अगर ऊनी कपड़ों से बदबू आने लगे या फंगस लग जाए, तो सबसे पहले उन्हें स्टोरेज से बाहर निकालकर खुली हवा में रखें। इन्हें हल्की धूप या छायादार-हवादार जगह पर फैलाकर सुखाएं। फंगस के दाग हों तो हल्के गुनगुने पानी और वुलेन फ्रेंडली डिटर्जेंट से धोएं। धोने के बाद कपड़ों को पूरी तरह सुखाएं और दोबारा स्टोर करते समय नमी सोखने वाले पाउच साथ में जरूर रखें। ………………
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