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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कुलपति के जापान दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समझौतों, विश्वविद्यालय की भविष्य की दिशा व आगामी युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर पत्रकार वार्ता हुई।
कुलपति प्रो. सैनी ने बताया कि इंडिया–जापान हायर एजुकेशन मिशन एवं इंडिया–जापान यूनिवर्सिटी लीडर्स समिट–2026 के तहत 12 से 17 जनवरी तक टोक्यो में हुआ। यह दौरा सीआरएसयू के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी परिणाम देने वाला रहा है।
जापान के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने सीआरएसयू के साथ शैक्षणिक, शोध और तकनीकी सहयोग के लिए औपचारिक प्रस्ताव दिए हैं। उन्होंने बताया कि टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में भारत के माननीय राजदूत से शिष्टाचार भेंट के साथ सीआरएसयू की वैश्विक शैक्षणिक यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
इस दौरान भारत–जापान शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त शोध, विद्यार्थियों की अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता और भविष्य के रोजगार अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई। जापान दौरे के दौरान क्योटो विश्वविद्यालय, ओसाका मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय, कंसाई विश्वविद्यालय, टोक्यो विश्वविद्यालय, सोफिया विश्वविद्यालय और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सीआरएसयू को समझौता ज्ञापन और सहयोग प्रस्ताव प्राप्त हुए।
साथ ही जापान के उच्च शिक्षा ब्यूरो के निदेशक साटो कुनीयाकी व शिक्षा, संस्कृति, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी हमाया अकीगो के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें हुईं।
कुलपति ने बताया कि जापानी पक्ष सीआरएसयू के राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 पर आधारित शैक्षणिक मॉडल, शोध-केंद्रित दृष्टिकोण, डिजिटल अवसंरचना और नवाचार से अत्यंत प्रभावित हुआ है। इन समझौतों के तहत संयुक्त शोध परियोजनाएं, फैकल्टी और छात्र आदान-प्रदान, सेमीकंडक्टर, मटेरियल साइंस, ऊर्जा क्षेत्र, स्वच्छ एवं हरित ईंधन, पर्यावरण संरक्षण, स्टार्टअप संस्कृति, इन्क्यूबेशन सेंटर, डिजिटल सेंट्रल लाइब्रेरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य किया जाएगा।
सीआरएसयू की भविष्य की नींव को मजबूत करेगी
जापान के साथ यह साझेदारी सीआरएसयू की भविष्य की नींव को मजबूत करेगी। इससे विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा, शोध, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। हरियाणा के युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकेंगे। यह पहल सीआरएसयू को एक वैश्विक विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
महोत्सव प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच बनेगा
21 से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले इंटरनल जोनल यूथ फेस्टिवल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि युवा व सांस्कृतिक निदेशालय की ओर से आयोजित यह महोत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मक, सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच बनेगा। नाट्य, संगीत, नृत्य, साहित्य और ललित कलाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना का विकास होगा।
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