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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एनएसए के तहत जारी तीसरे निरोधक आदेश को चुनौती देने वाली खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित निरोधक आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपना जवाब अदालत में दाखिल किया। हालांकि खंडपीठ ने जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल न किए जाने पर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति लापरवाही बताते हुए पंजाब सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि संवैधानिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में राज्य सरकार से समयबद्ध और जिम्मेदार रवैये की अपेक्षा की जाती है, ताकि कोर्ट को मामले की प्रभावी सुनवाई में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। 2 फरवरी को अगली सुनवाई वहीं, अमृतपाल सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने राज्य सरकार के जवाब का अध्ययन करने के लिए समय मांगा। अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी। हाईकोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई 2 फरवरी 2026 को निर्धारित की है।
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अमृतपाल सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त,: जवाब में देरी पर पंजाब सरकार पर ₹10 हजार का जुर्माना – Chandigarh News


