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फरीदाबाद: झाड़सेंतली गांव बल्लभगढ़…यहां की हवा और पानी, सच कहें तो अब किसी ज़हर से कम नहीं. कैंसर जैसी बीमारी गांव में इतनी तेजी से फैल रही है कि अब बच्चे और बुजुर्ग, दोनों ही इसकी चपेट में आ गए हैं. गांव में इस समय करीब 40-50 लोग कैंसर से जूझ रहे हैं और कई जानें जा चुकी हैं. गांव वालों का कहना है ये सब अचानक नहीं हुआ. जब से गांव के चारों तरफ इंडस्ट्रियल एरिया बना और फैक्ट्रियां चल पड़ीं तब से यानी कम से कम दस साल से ये बीमारी घर घर में पहुंच गई है.
गांव में क्यों फैल रहा है कैंसर
स्थानीय निवासी कुलदीप डागर ने Local18 से बात करते हुए बताया गांव में कैंसर की वजह साफ है जहरीली हवा और गंदा पानी. पिछले तीन-चार सालों में कैंसर के केस लगातार बढ़े हैं. कई लोग तो अभी भी अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं. पिछले साल एक 10-12 साल का बच्चा भी कैंसर की वजह से चल बसा. कुलदीप बताते हैं चारों तरफ फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल वाला पानी जमीन में जा रहा है. जब लोग मोटर चलाते हैं या समर सीवर का पानी इस्तेमाल करते हैं. वहीं जहरीला पानी घरों में पहुंच जाता है.
कुलदीप का कहना है ये समस्या 10 साल से है सरकार बस राजनीति में उलझी है. अगर हमें साफ हवा और पानी नहीं मिल रहा तो सरकार से उम्मीद ही क्या करें? यहां तो हर तरफ बीमारी ही बीमारी है. बीते कुछ सालों में 30-40 मौतें कैंसर से हो चुकी हैं और आज भी 40-50 लोग कैंसर से लड़ रहे हैं.
कूड़ा जलाना और केमिकल
इसी गांव के ओमप्रकाश डागर ने भी बताया ये गांव वार्ड नंबर 1 में आता है और हमारे पार्षद मुकेश डागर हैं. उन्होंने विधायक तक बात पहुंचाई, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात. एक और बड़ी दिक्कत है रोहिंग्या कबाड़ी वाले. ये लोग कूड़ा जमा करके जला देते हैं जिससे हवा और भी जहरीली हो जाती है. कंपनियां केमिकल वाला पानी जमीन में डालती हैं और वही पानी मोटर खींचकर हमारे घरों तक पहुंच जाता है.
अब हवा में सांस लेना भी मुश्किल
गांव के बुजुर्ग हरि चन्द डागर कहते हैं मैं 62 साल का हूं बचपन से यही गांव देखा है. पहले की हवा और आज की हवा में जमीन-आसमान का फर्क है. अब हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. पिछले 10 साल में इंडस्ट्रियल एरिया इतना बढ़ा है कि प्रदूषण भी उसी रफ्तार से बढ़ा है.
फैक्ट्रियों का केमिकल जमीन में जा रहा है
किशन सिंह डागर की मानें तो कैंसर के अलावा हार्ट अटैक की बीमारी भी बढ़ गई है. वो कहते हैं पहले यहां कुएं का पानी था बेहतरीन और साफ था, कोई बीमारी नहीं थी. अब फैक्ट्रियों का केमिकल जमीन में जा रहा है और वही पानी मोटर से निकलकर घरों में आ रहा है. इसी से कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं. उनकी उम्र 80 साल है और उनका कहना है गांव में शायद ही कोई घर होगा जहां कोई बीमार न हो.
अब तक 100 लोगों की मौतें!
बुद्ध राम ने गांव की बदहाली का ज़िक्र करते हुए कहा यहां कैंसर बहुत फैल चुका है. पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है नालियां जाम पड़ी हैं और गांव का तालाब भी खत्म कर दिया गया. सरकार तो जैसे अंधी हो गई है कुछ दिखता ही नहीं. चुनाव के समय नेता आते हैं बाद में कोई नहीं पूछता. बुद्ध राम का दावा है कि अब तक करीब 100 मौतें कैंसर से हो चुकी हैं.
गांव में तेजी से बढ़ रही हैं बीमारियां
गांव के बुजुर्ग हरि राम कहते हैं कैंसर के साथ दमा और दूसरी बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. गांववाले सरकार से मांग कर रहे हैं कि इंडस्ट्रियल एरिया की जांच हो पानी की सप्लाई सुधारी जाए और हवा-पानी को साफ करने का इंतज़ाम हो. वरना हालात और बिगड़ेंगे. गांव की हालत देखकर साफ समझ आता है कि यहां के लोगों से साफ हवा और पानी जैसी बुनियादी चीज़ें भी छीन ली गई हैं और यही वजह है कि बीमारियां लोगों की जान ले रही हैं.
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