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रोहतक। हिंदी बोर्ड परीक्षा के लिए वितान नामक पुस्तक के पाठ का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें। इसमें समझ पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। आदर्श जीवन मूल्य (उत्तर) भी लिखित विधि से ध्यान से पढ़ें एवं समझें।
इससे नैतिक मूल्य एवं व्यावहारिक समझ एवं जीवन मूल्य से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थी इनका आसानी से उत्तर दे सकते हैं। अगर वे इनका एक बार भी अध्ययन कर लेते हैं तो इनके नंबर कहीं नहीं जा सकते हैं। यह सुझाव है सांपला के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की हिंदी प्रवक्ता डॉ. मेनका का।
18 वर्ष का अनुभव रखने वालीं हिंदी प्रवक्ता डॉ. मेनका कहती हैं कि विद्यार्थी पिछले पांच वर्षों के प्रश्न पत्र की दोहराई करें। आरोह किताब से पाठों और कविताओं का भी ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। प्रश्न-उत्तर पढ़ने का अभ्यास करें।
पाठ एवं लेखक का नाम, कवि एवं कविता का नाम याद करें। कविता में से पद्यांश आता है और पाठ में से गद्यांश। दोनों में से सही प्रश्न पूछा जाता है। ज्यादातर बहुविकल्पीय प्रश्न दोहराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि कविता में पद्यांश की व्याख्या और पाठ में से प्रश्नों के उत्तर दायरे भी आते हैं। इनमें से किसी एक भाग का करना होता है। यदि विद्यार्थी कविता की अर्थ समझ रखते हैं तो सप्रसंग व्याख्या वाला भाग कर सकते हैं। यदि कविता का गहन अध्ययन नहीं किया है तो विद्यार्थी प्रश्न-उत्तर वाला विकल्प चुन सकते हैं।
गद्यांश की कर सकते हैं आसानी से व्याख्या
डॉ. मेनका का कहना है कि पाठ में से भी सप्रसंग व्याख्या आती है। गद्यांश की और गद्यांश में से प्रश्न-उत्तर दायरे भी इसी प्रकार से आते हैं। यदि पाठ को अच्छे से पढ़ रखा है तो गद्यांश की व्याख्या आसानी से कर सकते हैं। इसमें विद्यार्थी को पाठ एवं लेखक की पूरी जानकारी होनी चाहिए। तभी वे आसानी से इसकी सप्रसंग व्याख्या कर सकते हैं। नहीं तो प्रश्न-उत्तर वाला भाग करें।
अभिव्यक्ति एवं माध्यम पुस्तक के बहुविकल्पीय प्रश्न पढ़ें
डॉ. मेनका ने बताया कि व्याकरण में संधि और समास एवं वाक्य शोधन का अध्ययन करें। समास की परिभाषा एवं उदाहरण पेपर में जरूर आता है इसका अभ्यास करें। समास का नाम भी पूछा जाता है। अभिव्यक्ति एवं माध्यम नामक पुस्तक के बहुविकल्पीय प्रश्नों का अध्ययन करें। वहीं अभिव्यक्ति एवं माध्यम में से नाटक और कहानी वाले दोनों पाठों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें। ये दोनों रोचक होते हैं और आसानी से समझ में भी आ जाते हैं। विद्यार्थी इन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर आसानी से दे सकते हैं।
मनोचिकित्सक टिप्स
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सोशल मीडिया को अभी बंद कर देना चाहिए। दिन-रात पढ़ाई से बचना चाहिए। पूरी नींद लें। इससे बच्चों में अतिरिक्त तनाव होता है। विद्यार्थियों को परीक्षा का तनाव दूर करने के लिए व्यायाम, सैर व योग करना चाहिए। हेवी डिनर से बचना चाहिए। जंक फूड से बचें। पौष्टिक खाना खाएं और पानी पीते रहें ताकि दिमाग चुस्त रहे। अगर बहुत अधिक तनाव या डर लगे तो माता-पिता, शिक्षक या किसी दोस्त से बात करें। अपनी भावनाओं को दबाकर न रखें। एक ऐसा टाइम टेबल बनाएं जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ आराम और मनोरंजन के लिए भी समय हो। -डॉ. विपिन नैन, मनोचिकित्सक।
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Rohtak News: वितान पुस्तक से पूछे जाते हैं समझ पर आधारित प्रश्न




