Ambala News: पिता से सीखी मुक्केबाजी, अब चैंपियन तैयार कर रहीं कोच पूनम Latest Haryana News

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राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का कर चुकीं प्रतिनिधित्व

संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला। अगर ठान लें, तो बुलंदियों को छूना मुश्किल नहीं है। अंबाला की बेटी और मुक्केबाज कोच पूनम इसका उदाहरण हैं। कभी आठ साल की उम्र में पिता की उंगली थामकर बॉक्सिंग रिंग में कदम रखने वाली पूनम आज पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) में देश की दिग्गज महिला मुक्केबाजों को जीत का मंत्र सिखा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में निखत जरीन और स्वीटी बूरा जैसी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का तिरंगा फहरा रही हैं।

पूनम का सफर मेहनत और पदकों की चमक से भरा रहा है। नेशनल मेडलिस्ट रहने के साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व किया। खेल के साथ-साथ अनुशासन के क्षेत्र में भी उन्होंने मिसाल पेश की और एनसीसी सर्टिफिकेट के साथ पैराजंपिंग भी की। साल 2014 में उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

सिखा रहीं दाव-पेंच

कोच बनने के बाद पूनम ने अंबाला में कई बच्चों को बॉक्सिंग के गुर सिखाए। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ी आज खेल जगत में अपनी पहचान बना रहे हैं। सोनिया नेशनल स्तर पर सिल्वर पदक जीतकर अब ऊना बॉक्सिंग एकेडमी में बतौर कोच सेवाएं दे रही हैं। इसी तरह से अरशद यूनिवर्सिटी लेवल पर सिल्वर मेडलिस्ट हैं और खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। युवराज स्टेट मेडलिस्ट बनकर भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।

निखार रही तकनीक

पांच वर्षों से पूनम पंजाब के पटियाला स्थित एनआईएस कैंप में देश की बेहतरीन मुक्केबाजों को प्रशिक्षण दे रही हैं। जिसमें वर्ल्ड चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की स्टार मुक्केबाज निखत जरीन, दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट स्वीटी बूरा व पूजा वोहरा व अन्य शामिल हैं। पूनम 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रही हैं। उनका लक्ष्य है कि आगामी ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय मुक्केबाज अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाएं।

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