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हिसार। सदर थाने में पुलिस पर टॉर्चर करने का आरोप लगाने वाले जुलगान गांव के चचेरे भाई संदीप और सिद्धांत ने शुक्रवार को एडीजीपी और डीसी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने और आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस की मांग की है। उनका कहना है कि मामले के बाद उनके परिवार को खतरा है और किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी एसएचओ, एसपी और संबंधित पुलिसकर्मियों पर होगी।
उनका आरोप है कि 30 दिसंबर को सदर थाने के एसएचओ और पांच-छह पुलिसकर्मियों ने उन्हें रिमांड रूम में ले जाकर पीटा, जिसके बाद उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मामले की शिकायत वीरवार को मुख्यमंत्री को दी गई, लेकिन शुक्रवार तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हम आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित है। हम शिकायत लेकर थाने में गए थे और पुलिस ने मारपीट की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।उनका आरोप है कि पुलिस सदर थाने के एसएचओ और पांच-छह पुलिस कर्मियों को बचाने का प्रयास कर रही है और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कराए जा रहेे जिनमें उन्हें आरोपी के तौर पर पेश किया जा रहा है।
पुलिस का दावा- सीसीटीवी फुटेज में मारपीट का सबूत नहीं
पुलिस प्रवक्ता विकास ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि डीएसपी बरवाला मामले की जांच कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज में मारपीट का कोई सबूत नहीं मिला। शिकायतकर्ता और परिवार ने पिछले दो वर्षों में 40 से अधिक शिकायतें दी हैं जिनमें से कई झूठी पाई गई हैं। एमएलआर में भी चोटों के कोई निशान दर्ज नहीं हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
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Hisar News: सीएम के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं, एडीजीपी को लिखा पत्र, जुलगान गांव के युवकों ने सदर थाना क्षेत्र में पुलिस पर टॉर्चर करने का लगाया था आरोप




