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रोहतक। जेल रोड पर 13 जनवरी को मृत मिले 29 कुत्तों के मामले में चौथे दिन हरकत में आए प्रशासन ने मौके का मुआयना कर व्यवस्था का जायजा लिया। रुपया चौक के निकट नैन फाउंडेशन के एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में खुद एसडीएम आशीष कुमार पहुंचे।
यहां कर्मियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। साथ ही, सेंटर के हालात का जायजा लिया। शिवाजी काॅलोनी थाना पुलिस भी उनके साथ रही। पुलिस ने यहां से डीवीआर व अन्य रिकाॅर्ड कब्जे में ले लिया है।
29 कुत्तों की मौत मामले में शिवाजी कॉलोनी थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज है। इसके बाद से पुलिस की जांच चल रही है। सेंटर में पांच दिन से बधियाकरण कार्य बंद है। एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि सेंटर में 12 जनवरी के बाद बधियाकरण नहीं हुआ है।
वर्तमान में यहां 25 कुत्ते हैं। कंपनी को ठेका देने की प्रक्रिया को भी जांच कमेटी खंगाल रही है। रिकाॅर्ड पुलिस ने कब्जे में लिया है। जुलाई 2025 में शुरू हुए एबीसी सेंटर में अब तक 2500 कुत्तों का बधियाकरण हुआ है। निगम की ओर से 1150 प्रति कुत्ते के हिसाब से फाउंडेशन को भुगतान किया जा रहा है।
एबीसी सेंटर में लगे हैं चार सीसीटीवी
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को मौके का जायजा लिया। यहां आसपास के लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि एबीसी सेंटर का गेट आमतौर पर बंद रहता है। इसमें आम आदमी को प्रवेश नहीं दिया जाता है। अधिकारियों के लिए ही इसका गेट खोला जाता है। इस सेंटर में चार कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से तीन बाहर व एक कैमरा अंदर लगा है।
सेंटर में रहते थे 150 कुत्ते अब केवल 25
एबीसी सेंटर में कुछ सप्ताह पहले तक आमतौर पर लगभग 150 कुत्ते रहते थे। शुक्रवार को यहां केवल 25 कुत्ते ही मिले हैं। इनके पिंजरों की स्थिति चिंताजनक है। पिंजरों में मल के बीच ही कुत्ते रखे गए हैं। यहां से तीव्र दुर्गंध उठ रही है। दोपहर को अधिकारी वहां पहुंचे तो निगम के संबंधित पदाधिकारी भी वहां मौजूद नजर आए।
कर्मचारियों ने साधी चुप्पी
कुत्तों की मौत का मामला सामने आने के बाद ही न तो निगम के स्वच्छता संबंधित पदाधिकारी कुछ बोल रहे हैं और न की फाउंडेशन के एबीसी सेंटर के कर्मचारी। सभी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। कोई कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहा है।
एबीसी सेंटर पर नहीं कोई बोर्ड
रुपया चौक के निकट बने जिस एबीसी सेंटर में कुत्तों को बधियाकरण के लिए रखा गया है, वहां सेंटर के नाम से संबंधित कोई बोर्ड भी उसकी दीवारों पर नहीं लगा है। ऐसे में इस सेंटर को ढूंढना ही आम आदमी के लिए आसान नहीं है। काफी मशक्कत के बाद यह मिला।
नैन फाउंडेशन ने एबीसी सेंटर के लिए प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। एबीसी सेंटर में कुत्तों के बधियाकरण का कार्य रोक दिया गया है। मामले में गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर ही आगे कुछ कहा जाएगा।
– डॉ. आनंद शर्मा, निगम आयुक्त, रोहतक
कुत्तों की मौत मामले में जांच कर रही है समिति
कुत्तों की मौत मामले की जांच के लिए उपमंडलाधीश आशीष कुमार की अध्यक्षता में 13 जनवरी को पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को सात दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। एमडीएम के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया। समिति को कुत्तों की मौत का कारण, जिम्मेदारी तय करना, फर्म के कार्य में कमी ढूंढने व ऐसी घटना की भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति में उपमंडलाधीश के अतिरिक्त पशुपालन विभाग एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक, खिड़वाली स्थित राजकीय पशु अस्पताल के वेटरनरी सर्जन डॉ. कपिल, स्थानीय गौकर्ण स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के वेटरनरी सर्जन डॉ. संजय बल्हारा व नगर निगम के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक शामिल हैं।
23…रोहतक के रुपया चौक पर बनाया गए नैन फाउंडेशन के एबीसी सेंटर पर निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम
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Rohtak News: नैन फाउंडेशन के एबीसी सेंटर में बधियाकरण बंद, पुलिस ने डीवीआर व दस्तावेज कब्जे में लिए




