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अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. अब इस कंपनी को बड़ी मंजूरी मिली है, जिसके बाद यह अपने नेटवर्क में मौजूद सैटेलाइट की संख्या बढ़ाकर डबल कर सकती है. यूएस फेडरल कम्यूनिकेशन कमीशन (FCC) ने कंपनी की 7,500 सेकंड जनरेशन सैटेलाइट डिप्लॉय करने की मांग को मान लिया है. इसके साथ ही कंपनी के नेटवर्क में कुल सैटेलाइट की संख्या 15,000 हो जाएगी.
कंपनी को एक साथ कई फायदे
FCC ने कंपनी को न सिर्फ सैटेलाइट की संख्या बढ़ाने की हरी झंडी दी है बल्कि अब वह 5 फ्रीक्वैंसी और वेव्स पर भी ऑपरेट कर कर सकेगी, जिन पर पहले पाबंदी लगी हुई थी. FCC के प्रमुख ब्रेंडन कार ने कहा कि यह मंजूरी नेक्स्ट जनरेशन सर्विसेस के लिए गेम चेंजर साबित होगी. नए सैटेलाइट की वजह से कंपनी शानदार सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कैपेबिलिटी डिलीवर कर पाएगी. बता दें कि मस्क की कंपनी को कुल 30,000 सैटेलाइट लॉन्च करने हैं, जिसमें से 15,000 के लिए उसे मंजूरी मिल चुकी है. FCC की शर्तों के मुताबिकक, कंपनी को सेकंड जनरेशन के सैटेलाइट्स में से आधे दिसंबर, 2028 तक ऑपरेशनल बनाने होंगे और बाकियों के लिए उसके पास दिसंबर, 2031 तक का समय है.
भारत के लिए इसमें क्या फायदा?
स्टारलिंक को भारत में सर्विस लॉन्च करने के लिए प्रोविजनल लाइसेंस मिल चुका है और ट्रायल चल रहे हैं. अब कंपनी को नए सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मिली है, जिससे कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलेगा और इसका फायदा भारत समेत दुनियाभर के उन सभी देशों में मिलेगा, जहां पर स्टारलिंक की सर्विसेस मौजूद हैं. स्टारलिंक की सीनियर टीम भारत सरकार के साथ चर्चा कर रही है और माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस लॉन्च हो जाएगी.
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