आपके फोन में लगा है मेटल डिटेक्टर, अधिकतर यूजर्स को नहीं है इसका पता, जानें कैसे करता है काम Today Tech News

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स्मार्टफोन में अलग-अलग कामों के लिए सेंसर लगे होते हैं. इनमें से कुछ का लोगों तो पता होता है, लेकिन कई सेंसर ऐसे भी होते हैं, जिनके बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं होती. ऑटो-रोटेट इनेबल करने वाले गायरोस्कोप और ऑटो-ब्राइटनेस को हैंडल करने वाले एम्बिएंट लाइट सेंसर के बारे में लोग जानते हैं, लेकिन स्मार्टफोन में एक सेंसर ऐसा भी होता है, जो मेटल डिटेक्टर का काम कर सकता है. खास बात यह है कि लगभग 99 प्रतिशत लोगों को इस सेंसर के बारे में पता नहीं होता. 

मेटल डिटेक्टर का काम कर सकते हैं स्मार्टफोन

आप भले ही एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूज कर रहे हैं या आईफोन, इससे आप मेटल डिटेक्ट कर सकते हैं. दरअसल, फोन में डिजिटल कंपास को सपोर्ट करने के लिए मेग्नेटोमीटर नाम का एक सेंसर लगा होता है. यह धरती के मैग्नेटिक फील्ड का पता लगता है. इसी रीडिंग के आधार पर आपके फोन को नॉर्थ या साउथ दिशा का पता चलता है और यह नेविगेशन में मदद करता है. 

मेटल डिटेक्टर कैसे करता है फोन?

मैग्नेटोमीटर X, Y और Z एक्सिस पर पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड को मेजर करता है. लंबे पीरियड बाद यह मैग्नेटिक फील्ड चेंज हो जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसकी स्ट्रेंग्थ स्टेबल रहती है. इसलिए जब किसी खास प्रकार का मैग्नेटिक डिवाइस फोन के पास आता है तो मैग्नेटोमीटर की रीडिंग में स्पाइक दिखता है. इससे पता चलता है कि आपके फोन के पास कोई मेटल का सामान है. भले ही स्मार्टफोन किसी मेटल को डिटेक्ट कर सकता है, लेकिन यह टेक्नीकली एक मेटल डिटेक्टर नहीं है. इसकी एक खास वजह है. दरअसल, मेटल डिटेक्टर वेव्ज या प्लसेस को एक डायेरक्शन में भेजकर डिसीपेशन का अंदाजा लगाता है. वहीं फोन का मैग्नेटोमीटर पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड में बदलाव को देखता है. इस वजह से यह छोटे ऑब्जेक्ट का पता नहीं लगा सकता.

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