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फतेहाबाद। जिले में आउट ऑफ स्कूल और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से एक जनवरी से विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले में शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूली व्यवस्था से जोड़ना है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी अनीता बाई ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यह सर्वे 6 से 14 वर्ष तथा 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर केंद्रित रहेगा। इसमें उन बच्चों को चिन्हित किया जाएगा जो कभी विद्यालय नहीं गए या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। यह पहल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की भावना के अनुरूप सभी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की संख्या अधिक है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, प्रवासी मजदूरों के बच्चे, सड़कों पर रहने वाले बच्चे, अनाथ और बैघर बच्चों वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे क्षेत्रों में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
इस सर्वेक्षण अभियान में गैर-सरकारी संगठनों हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया और अनुभूति का सहयोग लिया जाएगा। दोनों संस्थाएं जमीनी स्तर पर काम करते हुए बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगी। अनीता बाई ने बताया कि सर्वे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रत्येक चरण में एकत्र आंकड़ों की समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिससे सभी चिन्हित बच्चों का समय पर विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित हो सके।
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चार चरणों में पूरा होगा सर्वे
पहले चरण में स्कूल स्तर पर 1 से 9 जनवरी तक होगा। इसमें प्राइमरी शिक्षक और शिक्षा स्वयंसेवक घर-घर जाकर बच्चों की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद क्लस्टर स्तर 12 से 13 जनवरी को क्लस्टर प्रमुख डेटा संकलित करेंगे तथा खण्ड स्तर पर 14 व 15 जनवरी को खंड शिक्षा अधिकारी डेटा की समीक्षा ब्लॉक स्तर करेंगे। अंत में जिला स्तर 16 से 19 जनवरी को जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अंतिम रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे।
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पिछले साल जिले में मिले थे 1512 बच्चे
सहायक परियोजना संयोजक निहाल सिंह का कहना है कि पिछले साल सर्वे के दौरान 1512 बच्चे मिले थे। इनमें से 723 बच्चों के स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए गए। इस साल भी सर्वे के दौरान जो बच्चे मिलेंगे, उनके लिए सेंटर शुरू किए जाएंगे।
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शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2026-27 के लिए स्कूल न जाने वाले व ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे किया जाएगा। इसके जरिये न केवल ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान होगी बल्कि उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
– अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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