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रोहतक। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय की टीम ने अवैध तरीके से 118.49 करोड़ रुपये का औषधीय सामान बेचने के मामले का भंडाफोड़ किया है। इसमें लगभग 21.30 करोड़ रुपये का जीएसटी शामिल है। टीम ने मैसर्स कॉम्बिटिक ग्लोबल कैपलेट प्राइवेट लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र सोनीपत के खिलाफ जांच करते हुए आयकर संबंधी दस्तावेज जब्त किए।
सीजीएसटी आयुक्त नितिन आनंद का कहना है कि जांच में पाया गया है कि पावेल गर्ग अपनी कंपनी मेसर्स कॉम्बिटिक ग्लोबल कैपलेट के माध्यम से अवैध तरीके से सामान बेचते थे। वह इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड थे।
आरोपी ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत अपराध किया है। यह उक्त अधिनियम के तहत दंडनीय है। यह अपराध संज्ञेय और गैर जमानती है। इसके चलते आरोपी को गिरफ्तार कर सोनीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जीएसटी चोरी को लेकर विभाग और सरकार गंभीर हैं। ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए लगातार जांच की जा रही है। इसी कड़ी में अवैध तरीके से 118.49 करोड़ रुपये का औषधीय सामान बेचने वाले पावेल गर्ग को गिरफ्तार किया गया है। – नितिन आनंद, आयुक्त, सीजीएसटी, रोहतक
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