सोनीपत: सरकारी अस्पतालों में हड़ताल के कारण चार दिन से स्वास्थ्य सेवाएं हो रहीं प्रभावित Latest Sonipat News


आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद जिले में चिकित्सकों की हड़ताल जारी है। वीरवार को भी 133 चिकित्सक व तीन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) हड़ताल पर रहे। बेमियादी हड़ताल में शामिल 34 प्रोबेशनरी चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में चिकित्सकों के एक साथ हड़ताल में जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। गर्भवती व अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो रही और न ही सर्जरी व मेडिकल जांच हो रही है।

जिला अस्पताल में बाल रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग और प्रसूति विभाग को छोड़कर अन्य ओपीडी ईएसआई, एनएचएम व बीएमएस चिकित्सक की सहारे लग रही है। सर्जन की ओपीडी बंद रहने से मरीजों को बिना उपचार कराए लौटना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ी है। हड़ताल से पहले रोजाना 40 से 50 अल्ट्रासाउंड रोजाना किए जाते थे। अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विकास चहल की ओपीडी में मरीजों को उपचार किए जा रहा है। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. लतिका दलाल और डॉ. सुशील मानिकटालिया की ओपीडी चार दिन से बंद है। जिसकी वजह से ऑपरेशन टाले जा रहे हैं। वीरवार को जिला अस्पताल में करीब 1400 मरीज उपचार कराने पहुंचे। आपातकालीन में एमएलसी कटवाने आए मरीजों को मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां भेजा जा रहा है।

सोनीपत: सरकारी अस्पतालों में हड़ताल के कारण चार दिन से स्वास्थ्य सेवाएं हो रहीं प्रभावित