साइबर ठगी : चार लोगों के खाते से 12.58 लाख रुपये उड़ाए Latest Sonipat News

सोनीपत। साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते खाली कर रहे हैं। ठग कभी फर्जी बैंक एप तो कभी क्रेडिट कार्ड रेटिंग लिंक और नकली लोन वेबसाइटों के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई उड़ा रहे हैं। चार अलग-अलग मामलों में साइबर अपराधियों ने सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता, महिला व दो अन्य लोगों से 12.58 लाख रुपये हड़प लिए। साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल हैक कर महिला के खाते से उड़ाए 1.09 लाख रुपये

गांव मुंडलाना की सोनिया ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनका मोबाइल साइबर ठगों ने हैक कर सात ट्रांजेक्शन में 1,08,942 रुपये साफ कर दिए। पीड़िता ने जब खाते की जांच की तो उन्होंने देखा कि उनके खाते से फर्जी खातों में रुपये भेजे गए हैं। तब उन्हें ठगी का पता लग सका।

क्रेडिट कार्ड रेटिंग लिंक के नाम पर 1.83 लाख ठगे

नरेंद्र नगर निवासी राहुल ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनके पास मोनिका नाम से कॉल की गई थी। कॉलर ने फोन कर क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट्स रेटिंग करवाने का झांसा दिया। व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर ठगों ने उसके मोबाइल को एक्सेस कर लिया और कुछ ही मिनटों में 1,83,549 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। उन्हें मामले का पता लगा तो साइबर सेल में शिकायत दी। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

एपीके फाइल भेजकर 7.47 लाख रुपये की लगाई चपत

गांव जाखौली निवासी कृष्णपाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनके मोबाइल पर फर्जी एपीके फाइल भेजी गई। उसके खोलते ही एप इंस्टॉल हो गया और मोबाइल हैक हो गया। उनके खाते से अलग-अलग खातों से 7,47,995 निकल गए। ट्रांजेक्शन बिलडेस्क और फेक पेमेंट गेटवे के जरिए किए गए। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल को दी। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

फर्जी लोन लिंक के नाम पर 2.19 लाख की ठगी

सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रवीन कुमार को यश लोन और रैना व्यापार के नाम से लिंक भेजे गए। लोन स्वीकृति व चार्जेज के नाम पर उनसे बार-बार यूपीआई आईडी पर 2,19,200 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। बाद में पता चला कि सभी वेबसाइट और अकाउंट फर्जी थे। मामले को लेकर शिकायत देने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।

साइबर ठगी से बचने को जागरूकता बेहद जरूरी है। अनजान एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करना चाहिए। किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। फोन पर बैंक संबंधी जानकारी किसी को साझा नहीं करना चाहिए। रिमोट एक्सेस नहीं देना चाहिए। ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें। गोल्डन आवर्स में शिकायत दर्ज होने पर पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।

– बसंत, प्रभारी साइबर थाना सोनीपत

साइबर ठगी : चार लोगों के खाते से 12.58 लाख रुपये उड़ाए