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लुधियाना में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों का टेंडर रद्द करने के विरोध में चल रही हड़ताल पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। हड़ताल की अगुआई करने वाले यूनियन के 5 नेताओं को नौकरी से डिसमिस कर दिया गया है। वहीं हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया
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विभाग ने इस संबंध में सभी कच्चे मुलाजिमों को मेल भेजकर कार्रवाई की सूचना दी है। मेल में कहा गया है कि कर्मचारियों ने इल्लीगल धरने में भाग लेकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। रूट पर बस न चलाने के एवज में जुर्माना लगाया गया है और सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवाओं से सस्पेंड कर दिया गया है।
उधर, CM भगवंत सिंह मान आज तड़के 3.30 बजे कुराली के बस स्टैंड पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बसों में सवारियों से बातचीत की।
बस में से बाहर निकलते मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।
विभाग ने लेटर में लिखी 3 अहम बातें
- बसों में सफर करने वाले लोगों को परेशान किया: कर्मचारियों को सस्पेंड करने संबंधी भेजे लेटर में लिखा गया है कि आप लोगों ने पंजाब में सरकारी बसों में सफर करने वाले लोगों को परेशान किया है। आपकी हड़ताल के चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसलिए आपके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- गैरकानूनी ढंग से लगाय धरना: रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों ने जो धरना लगाया है वो गैरकानूनी है। आपको सूचित किया जाता है कि 28 नवंबर 2025 को विभिन्न डिपो की सैकड़ों बसों ने अवैध धरने के कारण काम नहीं किया। इस कारण बस अड्डे, किराया, ओवरटाइम, मजदूरी आदि के रूप में सरकार का एक दिन में प्रति बस का 9,520 रुपए आर्थिक नुकसान हुआ है। इस तरह दो दिन में विभाग को प्रति बस 11,939 का वित्तीय नुकसान हुआ।
- ड्यूटी पर लौटने के नहीं माने निर्देश: लेटर में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट विभाग ने 28 नवंबर को नोटिस जारी करते हुए तुरंत ड्यूटी पर हाजिर होने के निर्देश दिए गए थे।लेकिन 29 नवंबर को भी आप लोग ड्यूटी रूट पर गैरहाजिर रहे। इससे प्रति बस 301 किलोमीटर की ड्यूटी मिस कर दी गई। इस सूरत में विभाग और आपके बीच हुए एग्रीमेंट की शर्त 15 का उल्लंघन किया गया है। वित्तीय नुकसान तथा अवैध हड़ताल में भाग लेने के कारण मुलाजिमों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

अब पढ़िए यूनियन नेता की अहम बातें…
- 1600 बसें डालने जा रही सरकार: जालंधर डिपो-1 के प्रधान विक्रमजीत सिंह ने बताया कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत 1600 बसें डालने जा रही है। इन बसों का टेंडर 5 साल के लिए होगा। अगर ये बसें आती हैं तो ड्राइवर की नौकरी खत्म हो जाएगी।
- मैकेनिकों की नौकरी भी खतरे में: किलोमीटर स्कीम के अधीन प्रावधान किया गया है कि ड्राइवर मालिक का होगा और कंडक्टर सरकार की तरफ से रखा जाएगा। इन बसों की मेंटेनेंस भी कहीं से भी करवाई जा सकती है। इसके चलते डिपो में मैकेनिक की नौकरी भी सरकार आने वाले दिनों में खत्म करने जा रही है।
- सगे-संबंधियों को फायदा देने की योजना: विक्रमजीत ने कहा कि सरकार का टेंडर लाने पर इतना जोर इसलिए लगा है कि सभी बसें सगे-संबंधियों की होंगी। 5 साल चलाने के लिए बाद ये उसी रूट पर सरकार की मिलीभगत से इन्हें प्राइवेट करके चलाना शुरू कर कर देंगे। तेल भी सरकार का, कंडक्टर भी सरकार का और मोटा मुनाफा चुनिंदा लोगों को मिलेगा। अफसरशाही भी इसलिए टेंडर रद्द नहीं होने दे रही है।
पंजाब सरकार का ऑर्डर

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पंजाब रोडवेज यूनियन के 5 नेता डिसमिस, मुलाजिम सस्पेंड: AAP सरकार ने हड़ताल अवैध करार दी, जुर्माना भी ठोका; CM कुराली में सवारियों से मिले – Jalandhar News

