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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और आमजन ने पुराने बस अड्डे से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने केंद्र सरकार की जन, मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन से पहले पुराने बस अड्डे पर एक जनसभा की, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता सीटू जिला अध्यक्ष का. रमेशचंद्र, किसान सभा के वेद अलेवा, एसकेएस के सतीश पटवारी, इंटक के सतीश बडौदा ने की। संचालन सीटू जिला सचिव का. कपूर सिंह ने किया।
इस दौरान रिटायर्ड कर्मचारी संघ के छज्जू राम और खेत मजदूर यूनियन के सूरजभान तथा एटक के वेद प्रकाश ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चारों लेबर कोड को रद्द करने की मांग की। उन्होंने लेबर कोड्स की अधिसूचनाओं की प्रतियां जलाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों के इशारे पर मजदूरों के सारे अधिकार छीन लिए हैं। यदि ये जनविरोधी नीतियां वापस नहीं ली गई तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि श्रम संहिताओं को रद्द कर पुरानी मजदूर-हितैषी कानूनों को बहाल किया जाए। न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह तय की जाए। सभी को पक्की नौकरी, समान काम-समान वेतन लागू हो। ठेका प्रथा, फिक्सड टर्म एंप्लायमेंट और अप्रेंटिस नीति को पूरी तरह खत्म किया जाए। सभी असंगठित मजदूरों को दस हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए। महंगाई पर रोक लगाई जाए तथा पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम तुरंत कम किए जाएं। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। इस अवसर पर सीटू के राज्य के नेता विनोद कुमार, राजबाला, प्रताप नंबरदार, राजेश कुमार, नीलम, अनीता, संदीप जाजवान मौजूद रहे।